भाजपा के ऑफर पर जयंत का तीखा जवाब, 700 मारे गये किसानों की ऐसे दिला दी याद

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लखनऊ/ मेरठ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की हवा पूरे प्रदेश में पश्चिम से ही आती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सियासी तापमान चढ़ गया है। कैराना से लेकर मेरठ तक केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह डेरा डाले हुए हैं। नेताओं की ओर से प्रतिदिन कोई न कोई ऐसा बयान सामने आ रहा है। इस बीजेपी ने बुधवार को राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी,को चैंकाने वाला ऑफर दिया। आरएलडी चीफ ने भाजपा के प्रस्ताव पर जवाब दिया है। जयंत चौधरी ने भाजपा के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्योता मुझे नहीं उन 700 से ज्यादा किसान परिवारों को दें जिनके घर आपने उजाड़ दिये। जयंत चैधरी ने भारतीय जनता पार्टी और किसान आंदोलन में मारे गये किसानों की याद दिला दी। ज्ञात हो कि जयंत चौधरी की रालोद ने इस बार के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से चुनावी गठबंधन किया है। सपा और रालोद की ओर से संयुक्त रूप से कई सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी की जा चुकी है।

jayant akhilesh

भाजपा नेताओं के संग हुई बैठक में जाट नेताओं ने प्रमुख रूप से 2 मुद्दों को उठाया है। जाट नेताओं ने गन्ने का भुगतान 14 दिनों में कराने और जाटों को आरक्षण देने की मांग की। इन दोनों मांगों पर अमित शाह ने कोई सीधा आश्वासन नहीं दिया। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनका जाटों से विशेष जुड़ाव रहा है और उनकी मांगें उनके दिल में रहा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद वह इस पर काम करेंगे। बुधवार को दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के आवास पर तकरीबन 250 नेताओं ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उनसे पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की।

जयंत चौधरी ने गलत घर चुन लिया

उत्तर प्रदेश में इस बार के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। जाट नेताओं संग हुई बैठक में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जयंत चैधरी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयंत भाई (चौधरी ) ने गलत घर चुन लिया है। उन्होंने कहा कि जाट समाज किसान की सुनता है और भाजपा भी किसानों की सुनती है। जाट देश की सुरक्षा के बारे में सोचता है और बीजेपी भी देश की सुरक्षा के बारे में सोचती है। ज्ञात हो कि जाट बहुल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर जाटों का अच्छा-खास प्रभाव है। ऐसे में चुनावों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

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