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झांसी में जन विश्वास यात्रा फिर भी दूर हैं फायरब्रांड छवि वाली उमा भारती, BJP में कुछ-कुछ होता है…

झांसी। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है। जन विश्वास यात्रा के जरिए जनता के बीच सियासी पैठ बनाने का अभियान शुरू हो है। रविवार को झांसी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जन विश्वास यात्रा की शुरुआत कर दी। राजनाथ सिंह के साथ तमाम नेताओं ने मंच साझा किया। केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी यहां मौजूद रहीं लेकिन इस इलाके में ठोस पहचान रखने वाली पूर्व केन्द्रीय मंत्री और झांसी की पूर्व सांसद उमा भारती नहीं रहीं। झांसी में बीजेपी का कार्यक्रम हो और उमा भारती नहीं रहें, यह लोगों कोे हैरानी भरा लगा। बीजेपी के चुनावी अभियान में उमा भारती का न होना सियासी बहस को मुद्दा दे दिया है। इसको लेकर कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

उमा भारती 2014 के लोकसभा चुनाव में झांसी से चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने झांसी से लगातार हार रही बीजेपी को बड़ी जीत दिलाई थी। उमा भारती केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रही हैं। 2019 में उमा भारती ने तीन साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया तो उनकी जगह यहां बीजेपी ने अनुराग शर्मा को लोकसभा के मैदान में उतारा। अनुराग शर्मा भी चुनाव जीत भी गये। अब उमा भारती के तीन साल पूरे हो चुके हैं और उनकी ओर से राजनीतिक बयान भी आने लगे हैं। उमा भारती की बीजेपी की चुनावी सभाओं से दूरी बरकरार है।

ज्ञात हो कि उमा भारती बुंदेलखंड की ही रहने वाली हैं। लोध समाज में उनका गहरा वर्चस्व माना जाता है। कल्याण सिंह के बाद उमा भारती को भी राम मंदिर आंदोलन से निकला बड़ा नेता मानते हैं। बुंदेलखंड समेत पूरे यूपी में लोध समाज कई सीटों पर निर्णायक स्थिति में है। चुनावी सभा में उमा भारती का नहीं होना बीजेपी के लिए चिंता का विषय है। पिछले दिनों ही उमा भारती ने ये बात साफ की थी कि 2017 के विधानसभा चुनाव में वह भी यूपी के चार प्रमुख चेहरों में शामिल थीं। इस बार जब एक बार फिर चुनाव की रणभेरी बजने को है लेकिन उनके सियासी तेवर इस बार नरम दिख रहे हैं।

बीजेपी भी समझती है उमा का प्रभाव

बीजेपी उमा भारती के लोध समाज के साथ उनकी हिंदुत्व और फायरब्रांड छवि को कम नहीं समझ रही है। उमा के करीबियों का कहना है कि उमा भारती बीजेपी नेताओं के साथ लगातार बैठकें करती हैं। जनता के बीच भी बीजेपी के लिए माहौल तैयार करती रही हैं। चुनावी सभाओं में नहीं दिखने की कोई अलग वजह हो सकती है। झांसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रानी लक्ष्मीबाई जन्मोत्सव समारोह हो या फिर महोबा रैली वहां उमा भारती कहीं नजर नहीं आईं हैं। इस बार राजनाथ सिंह ने झांसी से जन विश्वास यात्रा की शुरुआत कर दी है लेकिन उमा भारती के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं।

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