Ayodhya

अयोध्या /लखनऊ। UP ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को पाकिस्तान समर्थित एक बड़े आतंकी माॅड्यूल के साजिश को नाकाम कर दिया है। इस भंडाफोड़ के साथ छह संदिग्धों आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद अयोध्या में हाई अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्कता बरत रही हैं। अयोध्या धाम के प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक आने वाले को आईडी प्रूफ देखकर ही अयोध्या धाम में प्रवेश मिल रहा है।

कई शहरों में थी हमले की योजना

स्पेशल टीम को पूछताछ में ज्ञात हुआ है कि ये आतंकी दिल्ली और UP के कई शहरों में एक साथ हमले की फिराक में थे। दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट-स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से इनपुट के बाद कई राज्यों में ऑपरेशन चलाया गया। राजस्थान के कोटा से मुंबई निवासी जान मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया को धर दबोचा गया। उससे मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली के जामिया से ओसामा उर्फ सामी को और सराय काले खां से मोहम्मद अबू बकर को गिरफ्तार किया गया। तीन संदिग्धों को UP ATS ने पकड़ा। कमिश्नर ने बताया कि आईएसआई, दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस इब्राहिम की मदद से त्योहारों पर भारत में बड़े हमले की योजना बना रहा था। इसी हमले के लिए इन्हें प्रशिक्षित किया था।

लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली और प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी

यूपी एटीएस के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि खुफिया इनपुट के बाद लखनऊ, प्रयागराज, रायबरेली और प्रतापगढ़ में एक साथ छापेमारी की गई। प्रयागराज के करेली से जीशान कमर, रायबरेली से मूलचंद उर्फ लाला उर्फ सज्जू और लखनऊ के मानकनगर प्रेमवती नगर से मोहम्मद आमिर जावेद को गिरफ्तार किया गया है। जीशान के पास से अतिसंवेदनशील आईईडी बरामद हुआ है। इसमें आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की सूचना है। अयोध्या के साथ विधानसभा चुनाव में धमाके की इनकी साजिश थी। इस साजिश का नाकाम कर दिया गया है।

आमिर के कई रिश्तेदार भी एटीएस की रडार पर

आतंकी गतिविधि में लिप्त होने के आरोप में पकड़े गये प्रेमवती नगर के मो. आमिर जावेद के कई रिश्तेदार व बेहद करीबी तीन लोग भी एटीएस की रडार पर हैं। आमिर के घर से ही विस्फोटक सामग्री व अन्य दस्तावेज बरामद होने का दावा किया जा रहा है। पड़ोसियों ने बताया कि आमिर के दो छोटे भाइयों को भी एटीएस ले गई थी। दोनों से खुफिया विभाग व एटीएस ने कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद रात को उन्हें घर लाकर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि आमिर से उसके सऊदी अरब में रहने वाले एक बेहद करीबी रिश्तेदार के बारे में भी काफी पूछा गया है।

आमिर खजूर बिक्री से जुड़ा

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि आमिर बदल-बदल कर काम करता रहता है। इस समय वह खजूर और मेवा बिक्री का काम कर रहा था। उसके दोनों छोटे भाई फूड कम्पनी में डिलीवरी ब्वॉय हैं। इसी मोहल्ले में कश्मीर से मेवा लेकर कई लोग आते हैं। इनसे आमिर के अच्छे सम्पर्क है। एटीएस ने कश्मीर से आने वाले इन लोगों का भी ब्योरा जुटा रखा है। मेवा बेचने आने वाले ये लोग जाड़े में कई लोगों के समूह में आते रहे हैं। इनके रुकने का इंतजाम आमिर ही करता था।

30 साल से रह रहा परिवार

पड़ोसियों से सिर्फ इतना ही पता चला कि आमिर के पिता असलम जावेद ने 30 साल पहले यहां मकान बनवाया था। यहां पर वह पत्नी व तीन बेटों के साथ रहता है। आमिर सबसे बड़ा बेटा है। असलम घरों में पोताई के सामान की बिक्री करते हैं और इसका ठेका भी लेते हैं। आमिर के दोस्त सैयद ने बताया कि वह अक्सर मिलता था। हमेशा हंसता रहता था पर बात कम करता था। पढ़ाई के बारे में उसने बताया कि सम्भवतः उसने स्नातक तक की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

दो महीने में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी

लखनऊ में काकोरी के दुबग्गा इलाके से 11 जुलाई को आतंकी गतिविधि में लिप्त होने के आरोप में मिनहाज और मुशीर पकड़े गये थे। दोनों पर अलकायदा संगठन से जुड़े होने के आरोप लगे थे। दो दिन बाद इनकी मदद करने के आरोप में दो और लोग एटीएस ने पकड़े थे। इस मामले में अभी मिनहाज से जुड़े कई लोगों की तलाश की जा रही है। एटीएस यह पता करने में लगी है कि कहीं आमिर और मिनहाज एक दूसरे के सम्पर्क में तो नहीं थे। दो महीने में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी से खुफिया विभाग और सतर्क हो गया है।

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