हाथरस कांड: BJP नेता का विवादित बयान, कहा- बलात्कार रोकने के लिए जवान बेटियों को संस्कारी बनाएं मां-बाप

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Hathras gangrape case

हाथरस (Hathras Gang rape Case) मामले में अब जमकर राजनीति हो रही है. एक तरफ जहां पीड़िता इस दुनिया को अलविदा कह चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ परिजन और पीड़िता को न्याय दिलाने के नाम पर सियासत भी गरमा चुकी है. इसके साथ ही नेताओं का विवादित बयान भी लगातार चर्चाओं में बना हुआ है. हाल ही में इस केस पर उत्तर प्रदेश के बलिया से BJP विधायक ने बात करते हुए लड़कियों को संस्कार देने की बात कही. उन्होंने बलात्कार जैसी घटनाओं पर अपनी राय रखते हुए कहा कि ये सिर्फ संस्कार से ही रोका जा सकता है. यदि शासन और तलवार से इसे रोकने की कोशिश की जाती है तो ये संभव नहीं है. लोग अपनी जवान बेटियों को इसके लिए संस्कारी बनाएं, लोगों को अपनी बेटियों को अच्छे संस्कार सिखाने चाहिए. 

दरअसल बीजेपी विधायक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ये बयान ऐसे वक्त में दिया जब उनसे हाथरस में हुई गैंगरेप की जघन्य घटना पर सवाल पूछा गया था. सवाल के जवाब में विधायक जी ने संस्कार का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि, “विधायक के साथ मैं एक शिक्षक भी हूं. ऐसी घटनाएं केवल संस्कार से ही रुक सकती हैं. ऐसी घटना शासन और तलवार से नहीं रूक सकती हैं.” उन्होंने आगे कहा कि, “ये सारे अभिभावकों का धर्म हैं कि वो अपनी जवान और युवा बेटियों को अच्छे संस्कार माहौल में रहने, चलने और व्यवहार करने का एक तरीका सिखाएं. ये सीखना उनका धर्म है. ये मेरा भी धर्म है. सरकार का भी धर्म है, और परिवार का भी धर्म है.”

विधायक की माने तो, “यदि सरकार का धर्म लोगों की रक्षा करना है तो परिवार का धर्म बच्चों को संस्कार सिखाना है. क्योंकि सरकार और संस्कार मिलकर ही भारत को सुंदर बनाने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा कोई दूसरा हल नहीं निकलने वाला है.” बेटियों को संस्कार सिखाने के विधायक के इस बयान का अब भाजपा नेता शांत प्रकाश ने बचाव किया है. एक निजी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, “बच्चों को संस्कार देने के काम को परिवार और शिक्षक मिलकर सुनिश्चित करता है, एक-दूसरे को सम्मान का संस्कार, और सुरक्षा का संस्कार, नियमित जीवन जीना है, ऐसी चीजों को संस्कार के तौर पर कहा है, तो आखिर इसमें गलत क्या है.”

इसके बाद नेता शांत प्रकाश से जब ये सवाल पूछा गया कि क्या ये संस्कार केवल लड़कियों के लिए है? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि, “संस्कार एक शिक्षा है. जो सभी बच्चों के लिए है. वो चाहे बेटी हो या बेटा हो. दोनों को इस तरह का संस्कार देना माता-पिता का फर्ज है.”