rajeshwer singh

लखनऊ /नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) लखनऊ जोन के डायरेक्टर पीपीएस अधिकारी राजेश्वर सिंह ने वीआरएस मांगा है। प्रतिनियुक्ति पर ईडी में तैनाती के दौरान 2-जी के साथ ही साथ कॉमनवेल्थ खेल घोटाले की जांच में बेहद सक्रिय रहे राजेश्वर सिंह ने 12 वर्ष की नौकरी बाकी रहने के बाद भी वीआरएस का फैसला लिया है। राजेश्वर सिंह के एक दो हफ्तों में भाजपा मे शामिल होंने की उम्मीद है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के चुनाव में विधानसभा का चुनाव भी लड़ने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश पुलिस में एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट के नाम से पहचान रखने वाले अफसर राजेश्वर सिंह वर्ष 2009 में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय में चले गए थे। प्रवर्तन निदेशालय में अपनी तैनाती के दौरान यूपीए सरकार के चर्चित घोटालों की जांच की और कई तत्कालीन प्रमुख सियासी चेहरों के खिलाफ कार्रवाई भी की।

प्रवर्तन निदेशालय के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजेश्वर सिंह की बीजेपी के प्रमुख नेताओं संग लगातार बातचीत चल रही है और उनके सम्पर्क में हैं। अपने कार्यकाल में राजेश्वर सिंह कई हाई प्रोफाइल मामलों की जांच किये हैं। एयरसेल-मैक्सिस, 2जी स्पेक्ट्रम, कोयला घोटाला, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला और अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाला जांच में शामिल रहे हैं। आभा सिंह ने लिखा है कि देश की सेवा के लिए समय से पहले रिटायरमेंट लेने के लिए ईडी के मेरे भाई राजेश्वर को ढेर सारी बधाई। राष्ट्र को आपकी जरूरत है।

ज्ञात हो कि राजेश्वर सिंह इस समय लखनऊ में संयुक्त निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। साल 2009 में उन्होंने उत्तर प्रदेश से प्रतिनियुक्ति पर ईडी में शामिल हुए। अभी ये साफतौर पर नहीं कहा जा सकता कि वो आगमी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं। ज्ञात हो कि राजेश्वर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कीर्ति चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में जांच और कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई थी। राजकेष्वर सिंह उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी हैं। उनके पास काननू और मानवधिकार की डिग्री है। साल 2018 में राजेश्वर के खिलाफ जांच कराई गई थी लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी को उनके खिलाफ किसी प्रकार की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला।

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