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उत्तर प्रदेश कानपुर

छापेमारी के दौरान इत्र कारोबारी के दोनों बेटे रहे गुमसुम, जीएसटी की विजिलेंस टीम ने ऐसे की कार्रवाई

कानपुर। पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज के घर में छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही न्यायिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। लगातार छापेमारी की कार्रवाई से परिवार स्तब्ध है। एक तरफ जीएसटी की विजिलेंस की टीम पीयूष जैन के घर और कारोबारी ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाती रही, दूसरी तरफ टीम के साथ मौजूद उसके दोनों बेटे गुमसुम, चुप रहे। टीम जब और जहां सर्च करती दोनों बेटों को अपने साथ रखती रही। इस बीच अपने कमरे में हाथ की लकीरों को देखते हुए बड़े बेटे प्रत्यूष की तस्वीर खूब वायरल हो रही है।
अपने ही घर में विजिलेंस टीम के सामने दोनों भाई इस पूरे ऑपरेशन के दौरान दर्शक बन गये। टीम के पूछने पर ही कुछ बोलते। टीम से मंजूरी के बाद ही कमरे और टॉयलेट में जाते। इस दौरान सोमवार की रात पुश्तैनी मकान के पास ही स्थित दूसरे मकान में चंदन तेल की सैंपलिंग के दौरान बड़ा बेटा प्रत्यूष विजिलेंस टीम के साथ मौजूद रहा। वह एक कमरे के बेड पर बैठ कर काफी फिक्रमंद दिखा। चेहरे और भाव शून्य हेा गये हैं। वह छत को निहारता रहा। कभी हाथ की लकीरों को देखता।

पीयूष की जमानत अर्जी दाखिल करेगा बचाव पक्ष

इत्र कारोबारी पीयूष जैन के खिलाफ लगातार सेंट्रल जीएसटी की विंग कार्रवाई कर रही है। फिलहाल अभी उससे कोई पूछताछ नहीं होगी। कोर्ट खुलते ही पीयूष जैन की ओर से एक जनवरी को ही लोअर कोर्ट में जमानत अर्जी दी जाएगी। लोअर कोर्ट से अर्जी खारिज होने पर तीन जनवरी को सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी बचाव पक्ष देगा।
सेंट्रल जीएसटी की डीजीजीआई विंग अहमदाबाद ने 31.50 करोड़ की कर चोरी में पीयूष जैन को गिरफ्तार करके महानगर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था।

न्यायालय से पीयूष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वर्तमान में पीयूष की दिन-रात जेल में ही कट रही है। पीयूष के अधिवक्ता सुधीर कुमार मालवीय ने बताया कि फिलहाल कोर्ट बंद है। अभी तक सेंट्रल जीएसटी की विंग ने आगे कोई कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है। इसलिए कोर्ट खुलते ही एक जनवरी को लोअर कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी।

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