प्रशासन और विधायक की लापरवाही के कारण, आज एक जानवर की मौत हो गई, ‘कल किसी इंसान की भी हो सकती थी मौत’

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प्रशासन मौन है। शासन मौन है। चुनावी मौसम के दिनों में जो जनता का दिल जीतने के लिए सत्ता के गलियारों में आ जाते हैं वोट मांगने, वो विधायक साहब भी मौन हैं। आखिर क्या हमने इन्हें मौन रखने के लिए ही चुना था? क्या हमने मौन रखने के लिए ही उन्हें अपना प्रतिनिधि बनाया था? क्या हमने उन्हें इसलिए चुना था कि हमारे जानमाल की हानि होती रहे? क्या हमने उन्हें इसलिए चुना था कि सूबे की जनता, हलकों की जनता खौफ के साएं में जीने के लिए मजबूर रहे। ये भी पढ़े :यूपी में बेखौफ होते अपराधी, हवा के झोंके की तरह आए, और दनादन गोलियों से भून कर चले गए

ये सभी उक्त सवाल हम नहीं पूछ रहे हैं। ये सभी सवाल आज हरैया की वो जनता उस शासन, उस प्रशासन और अपने उस नुमाइंदे से पूछ रही है, जो जनता की नुमाइंदगी का ठैका लेकर विधानसभा की कुर्सी पर आसीन हुए हैं, और एशो-अराम की जिन्दगी जीते हैं, लेकिन जब उनके ही विधानसभा क्षेत्र में किसी के साथ कुछ होता है तो विधायक साहब कुछ कार्रवाई करने से इनकार कर देते हैं।

ऐसा ही कुछ 4 सितंबर 2019 को हरैया के पिनसेर ग्राम सभा के महदी गांव में हुआ, जब जर्जर हो चुकी बिजली की तारों की चपेट में आने से नील गाय की मौत हो गई। बहरहाल, किसी के आने और जाने को हम कैसे रोक सकते हैं, लेकिन यहां कुछ सवालों का उदय हो रहा है। जिसका जवाब देने का दायित्व अगर किसी का बनता है तो वो हैं, यहां (हरैया) के विधायक अजय सिंह का, जिन्होंने यहां की जनता की नुमाइंदगी का ठेका लिया हुआ है। यहां सवाल खड़ा होता है, ओएसडी विभाग पर, जिन्होंने इस पूरे मामले के जानने के बावजूद भी अगर कुछ यहां की जनता को दिया तो वो सिर्फ आश्वासन, न ही यहां पर तारों को ठीक करवाया गया, और न ही यहां की जनता की सुरक्षा के लिए कोई कारगर कदम उठाया।

ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने यहां के क्षेत्रिय विधायक अजय सिंह को 7/3/2018 को यहां की जर्जर हो चुकी बिजली के तारों को ठीक कराने की मांग की थी, लेकिन विधायक साहब बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने की जगह खुद ही मौन साधे रखना मुनासिब समझे। विधायक साहब ने कोई कार्रवाई नहीं की! अब ऐसे में साफतौर पर सवाल खड़ा होता है कि आखिर आपने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या आपको यहां की जनता की सुरक्षा की कोई फ़िकर नहीं। अब अगर आप कहते हैं कि मुझे फ़िकर है तो आपने इन तारों को ठीक क्यों नहीं करवाया।

इसके बाद ग्रामीण यहीं नहीं रूके, जब इन्हें यहां से निराशा हाथ लगी तो ग्रामीणों ने कप्तानगंज के विधायक चन्द्रप्रकाश शुक्ला का रूख किया। उन्हें यहां की जर्जर हो चुकी बिजली के तारों की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन अफसोस यहां ग्रामीणों के निराशा ही हाथ लगी।

इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीओ दफ्तर में ज्ञापन देकर यहां के अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी दी और उनसे आग्रह किया कि हमारे क्षेत्र में जर्जर हो चुके बिजली के तारों की मरम्मत करवाई जाए। हालांकि, ग्रामीणों को यहां आश्वासन मिला। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि हम महज 15 दिनों के अंदर यहां आपके यहां के जर्जर हो चुके बिजली के तारों को ठीक करवा देंगे, लेकिन अफसोस 15 दिन के बीत जाने के बाद भी आजतक ओएसडी अफसरों ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब न समझा।

अब इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों में आक्रोश हैं। यहां के शासन को लेकर तो यहां के प्रशासन को लेकर, यहां के विधायक को लेकर, जिसको यहां की जनता ने अपना कीमती वोट देकर अपने यहां का विधायक बनाया है।

वहीं, इस पूरे ही मामले को लेकर सभी ग्रमीणवासियों रोष है। जिसमें शिव प्रसाद, अरविन्द शुक्ला, अजय पाण्डेय, रवी शंकर, प्रभात सिंह, अशोक कुमार, अंकित, सीताराम, राहुल भारद्वाज, उमंग शामिल हैं। ये सभी ग्रामीणवासी इस पूरे मामले को शासन-प्रशासन के सामने पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं, लेकिन लगातार इनकी झोली में निराशा ही आ रही है। ये भी पढ़े :यूपी में महिला सुरक्षा में बड़ी चूक, 10 साल की बच्ची के साथ हैवानियत

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