MLA की कुर्सी से बागी विधायक अदिति सिंह को नहीं हटा सकती कांग्रेस, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह

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लॉकडाउन के बीच मौजूदा सरकार पर हमलावर कांग्रेस पार्टी अपने ही बनाए हुए चक्रव्यूह में फंस गई है. हाल ही में संसदीय क्षेत्र रायबरेली में सदर विधायक अदिति सिंह का अपनी पार्टी के खिलाफ कड़े रूख ने सोनिया गांधी को मुश्किल में डाल दिया है. दरअसल कुछ दिनों से कांग्रेस पार्टी और योगी सरकार के बीच बसों को लेकर सियासी घमासान जारी था. जिस पर अदिति सिंह का खुद की ही पार्टी के खिलाफ बागी तेवर दिखाई दिया. हालांकि ये पहली दफा नहीं है जब इस तरह से अदिति का पार्टी के खिलाफ कड़ा रूख दिखा हो इससे पहले भी उन्हें इसी वजह से बीते साल की यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को पत्र लिखकर उनकी विधानसभा सदस्यता को खारिज करने का पार्टी ने पत्र लिखा था. लेकिन इस पत्र को लेकर अभी तक कोई कार्रवाई की गई है. खैर इसके साथ ही कांग्रेस की एक और बड़ी सच्चाई ये है कि चाहते हे भी कांग्रेस अदिति सिंह को पार्टी निकाल सकती है, लेकिन उनकी विधायक पद वाली कुर्सी से उन्हें नहीं हटा सकती. इसके पीछे की वजह दल-बदल कानून है.

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दल-बदल कानून के तहत
दल-बदल कानून के मुताबिक व्यक्ति के विधायक के पद से तभी उसे हटाया जा सकता है जब वो किसी और पार्टी में शामिल हो जाए. या फिर किसी निर्दलीय दल में शामिल हो जाए. इसके साथ ही उसे पार्टी से तब भी निकाला जा सकता है, जब वो चुनाव के दौरान खुद की ही पार्टी के खिलाफ वोट करे. aditi singh congressया फिर किसी भी मसले पर सदस्य खुद को वोटिंग से अलग रखे.

अयोग्य घोषित करने का अधिकार किसके पास
इसके साथ ही आपको बता दें किसी को विधायक की कुर्सी या फिर उसे सांसद के पद से अयोध्य घोषित करने का अधिकार सिर्फ और सदन के अध्यक्ष के पास ही होता है.aditi singh congress इसलिए अगर किसी विधायक के खिलाफ कोई शिकायत की जाती है, तो उसके खिलाफ कोई भी फैसला लेने का हक सिर्फ सदन का अध्यक्ष रखता है.

BJP के हाथ में है सारी कमान
फिलहाल दिलचस्प बात तो ये है कि यूपी विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित हैं, जो बीजेपी से ताल्लुक रखते हैं यानी वो बीजेपी के ही नेता भी हैं. ऐसे में अभी ये उम्मीद लगाना कि अदिति सिंह के खिलाफ कोई फैसला लिया जा सकता है, तो थोड़ा मुश्किल है. aditi singh congressक्योंकि जब तक बीजेपी नहीं चाहेगी तब तक अदिति संह के खाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता. लेकिन इस समय कांग्रेस के लिए खई मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं. क्योंकि अगर अदिति सिंह बीजेपी में शामिल होती हैं तो कांग्रेस पर ये फैसला भारी पड़ सकता है.

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