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काकोरी कांड के शहीदों को CM YOGI ने किया नमन, परिजनों को किया सम्मानित

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में काकोरी कांड के शहीदों को नमन किया है। इस अवसर पर काकोरी शहीद स्मारक स्थल पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीएम ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे वीरों ने 1925 में काकोरी में ब्रिटिश खजाना लूटकर ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। लखनऊ में काकोरी कांड के नायकों में राजेन्द्र नाथ लाहिरी, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह व अशफाक उल्ला खां को फांसी की सजा सुनाई गई। राजेन्द्रनाथ लाहिरी को 17 दिसंबर ही फांसी दी गई। वर्ष 1925 में काकोरी में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए नायकों ने ब्रिटिश खजाने पर कब्जा जमाकर एक चुनौती ब्रिटिश हुकूमत को दी थी। देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति, बलिदान देने वाले अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर के चैरा चैरी में एक ऐतिहासिक घटना हुई थी। वहां के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और नौजवानों ने तब की ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी। 1857 में आजादी के लिए एक सामूहिक प्रयास हुआ था। गोरखपुर की जेल में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी से उनकी अंतिम इच्छा पूछी गई तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से यह जवाब दिया था। हे ईश! भारतवर्ष में, शत बार बार मेरा जन्म हो,कारण सदा ही मृत्यु का, देशोपकारक कर्म हो।

सीएम योगी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि यह वर्ष चौरी-चौरा की घटना के शताब्दी वर्ष के साथ देश की आजादी का अमृत महोत्सव भी है। काकोरी कांड 9 अगस्त 1925 को इसी स्थल पर हुआ था। उस समय ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ इस काकोरी ट्रेन एक्शन ने देश में क्रांति की लौ को सुलगाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े क्रांतिकारियों व भारत माता के उन सभी अमर बलिदानियों को आज मैं काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित इस समारोह के माध्यम से विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं।

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