yogi Aditynath

लखनऊ। हमें प्रेस से क्या बोलना है, कितना बोलना है, इसका एक पैरामीटर तय रखना है। 2022 में पूरे देश और विश्व की नजर इस युद्ध पर होगी। इसके लिए कैसे तैयारी करें, इसका सारा दारोमदार इसी मीडिया सेल की टीम के पास होगा। यह बातें भारतीय जनता पार्टी के लखनऊ दफ्तर में सोमवार को मीडिया कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। 2022 के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के मीडिया सेल को पार्टी के हित से जुड़ी सूचनाओं से लैस करने के लिए यह कार्यशाला आयोजित हुई थी।उन्होंने कहा कि सरकार ने जो योजनाएं चलाई हैं, उसका लाभ इस चुनाव में पार्टी को मिल सके। इसके लिए हमें प्रयास करने होंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ग्राम प्रधान स्तर से समन्वय बैठाकर जनता को जागरूक करना होगा। मुख्यमंत्री योगी ने मीडिया कार्यशाला में उपस्थित लोगों को सूचनाओं से लैस करते के लिए बताया कि प्रधानमंत्री जी का स्वच्छ भारत मिशन काफी कारगर साबित हुआ। योगी ने कहा कि मीडिया के प्रवक्तागण रोजाना शासन और पार्टी की नीतियों को दमदार तरीके से कहना जरूरी है। किसी मुद्दे पर क्या कहना है, कितना बोलना है, इस पर पार्टी का क्या व्यू है। इसके लिए समन्वय बनाकर मीडिया के सामने प्रस्तुत होना जरूरी है।

प्रवक्ताओं को पार्टी और सरकार की बात को एकलाइन पर रहकर बोलना होगा, इसके लिए समन्वय बनाकर चलना होगा। सीएम योगी ने ध्यान दिलाया कि प्रधानमंत्री अलीगढ़ में दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। राजा महेंद्र सिंह विश्विद्यालय का शिलान्यास और डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड का शिलान्यास कार्य होगा। कोई भी विधानसभा ऐसा नहीं होगा, जहां 500 करोड़ से हजार करोड़ के काम न हुए होंगे। इसको जानना-समझना और जनता के बीच बताना होगा। बार बार जनता को इसका अहसास करवाना होगा. भाजपा के कार्यकर्ताओं को इसे आदत में डालना होगा।

विरोधियों से ऐसे निबटें

योगी आदित्यनाथ ने मीडिया कार्यशाला में कहा कि विरोधी हर बार अलग-अलग तरह से दुष्प्रचार करते हैं और आगे भी करेंगे। योगी ने कार्यशाला में मौजूद कार्यकर्ताओं को पुराने उदाहरण से समझाया कि कोरोनाकाल में इंफ्रारेड थर्मामीटर का मुद्दा उठाया गया। हमने हर ग्रामसभा, निगरानी समिति को ये इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सिमीटर बंटवाये।

विरोधियों से सवाल पूछने की जरूरत

योगी ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इनसे पूछना चाहिए कि दिल्ली सरकार कोरोना प्रबंधन में फेल क्यों हुई? आज हम हर जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर चुके हैं। 16 जनपदों के लिए अलग से मॉडल बनाकर उसे भी मेडिकल कॉलेज को जोड़ रहे हैं। ऐसे समय में बस यह ध्यान रखें कि हमको क्या बोलना है और कितना बोलना है। सरकार की योजनाओं को बताना होगा।

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