mahender nath panday

प्रयागराज। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरण में वोट तलाषने लगे हैं। बहुजन समाज पार्टी के बाद समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मणों के समर्थन वाले कार्यक्रम करने शुरू कर दिये हैं। इस भारतीय जनता पार्टी भी अपने जनाधार को बचाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने भी अपने ब्राह्मण नेता को मैदान में उतार दिया है। शनिवार को मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय प्रयागराज में अपने मतदाताओं को जिम्मेदारियों का अहसास कराया। कार्यक्रम के दौरान महेन्द्रनाथ पांडेय ने कहा कि चुनाव के समय ही समाजवादी पार्टी और बसपा को ब्राह्मणों की याद आती है। उन्होंने तंज कसा कि क्या ब्राह्मण चारा है। डा. महेंद्र नाथ ने यह बातें शनिवार को संवाददाताओं से हुई बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि बसपा, सपा जाति के आधार वोट मांगते हैं। वह चुनाव के दौरान ही ब्राह्मणों को याद करते हैं।

प्रयागराज के यमुनापार में आयोजित तमाम कार्यक्रमों में शिरकत करने आए डा. महेंद्र नाथ ने कहा कि प्रदेश में बसपा के शासन काल में जितने फर्जी मुकदमे ब्राह्मणों पर हुए, उतने किसी भी शासनकाल में नहीं हुए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को इन दलों ने उपयोग किया। अब वही बसपा ब्राह्मणों को रिझाने के लिए ब्राह्मण सम्मेलन करवा रही है। वर्ष 2007 में बनी भाईचारा कमेटी पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या ब्राह्मण चारा है। इस कमेटी का 2012 और 2017 में पता नहीं चला। डा. महेंद्र नाथ ने कहा कि ब्राह्मण एक समझदार समाज है, वह सभी चीजों को समझते हैं। उन्हांेने बसपा, सपा के कारनामों को याद दिलाया। प्रदेश की योगी सरकार में जितना सम्मान ब्राह्मणों का है, उतना पहले कभी नहीं रहा।
इस दौरान प्रयागराज में कार्यकर्ताओं के साथ तमाम स्थानों पर बैठक आयोजित की गई।

भारतीय जनता पार्टी का बूथ विजय अभियान का संकल्प हर विधानसभा में लिया गया। करछना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान 78 शक्ति केंद्रों की समीक्षा की गई। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आज प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में खत्म हुए उद्योगों के बारे में जानकारी ली गई है। यहां उद्योग धंधों की बेहतरी के लिए मंत्रालय योजना बना रहा है। महेन्द्रनाथ पांडय के प्रयागराज आने पर सर्किट हाउस में उनका स्वागत महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, यमुनापार अध्यक्ष विभव नाथ भारती, सुबोध सिंह आदि ने किया।

यह भी पढ़ेंः-किसान आंदोलन की धार पर प्रहार के लिए BJP ने बनाई ये रणनीति, किसान पंचायत करने की सौंपी जिम्मेदारी