आगरा पुलिस को चकमा देते रहे बदमाश, बस हाईजैक का मास्टरमाइंड निकला..

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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से बुधवार को बस हाईजैक का मामला सामने आया है, जिसे देखने के बाद पुलिस भी एकबार के लिए अटपटा गई। दरअसल बदमाशों ने ऐसी फिल्मी कहानी तैयार की जिसके चक्रव्यूह में आगरा पुलिस भी फस गई। अब जाकर मामले का खुलासा हो पाया है। दरअसल आगरा में बुधवार को श्रीराम फाइनेंस कंपनी के गुर्गों ने गुरूग्राम से चली बस को हाईजैक कर लिया। बताया जा रहा है कि इस बस में करीब 34 सवारी मौजूद थी। घटना के सामने आने के बाद आगरा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश तेज की तो पूरी कहानी खुद ब खुद सामने आ गई। दरअसल जिस बस को हाईजैक किया गया था, उस बस का विवाद कई दिनों से पैसे की लेनदेन को लेकर चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, बस की 8 किश्तों भुगतान नहीं किया गया था, जिसके बाद इस बस को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ले गए। इस पूरी घटना का मास्टमाइंड आगरा ग्रामीण इलाके के रहने वाले प्रदीप गुप्ता को बताया जा रहा है।

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एसएसपी आगरा ने बगैर तस्दीक़ किए फाइनेंस कंपनी की थ्योरी पर मुहर भी लगा दी. दरअसल प्रदीप गुप्ता ने पुलिस के सामने ऐसी थ्योरी रखी थी, कि आगरा पुलिस भी उसके चंगुल में आ गई। उसने पैसे की लेनदेन की बात न कहते हुए

कहा कि बस को किसी ने हाईजैक कर लिया है। सूत्रों की मानें तो, बस मालिक अशोक अरोड़ा और फिरोजाबाद के प्रदीप गुप्ता के बीच लेनदेन का विवाद चल रहा था. इसी के चलते बदमाशों ने फाइनेंस कंपनी की कहानी गढ़ी थी. और बस को हाईजैक कर लिया ताकि अशोक अरोड़ा से पैसे निकाले जा सकें।

वहीं बताया जा रहा है कि बस मालिक अशोक अरोड़ा की कल रात ही मौत हुई है. उनके बेटे पवन ने प्रदीप गुप्ता को पहचाना तब जाकर इस पूरी कहानी का खुलासा हो पाया। पुलिस उनके बेटे की शिकायत पर प्रदीप गुप्ता की गिरफ्तारी की कवायद कर रही है। बताया जा रहा है कि प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा फर्जी कागात से बसों को परमिट दिलाने का शातिर

खिलाड़ी है। जानकारी के मुताबिक, हाईजैक का मास्टरमाइंड प्रदीप खुद डेढ़ दर्जन बसों का मालिक है. फिरोजाबाद और इटावा में उसने करोड़ों की संपत्ति भी बना रखी है। मार्च 2018 में प्रदीप परिवहन फर्जी प्रपत्र तैयार करने के मामले में जेल भी जा चुका है। फिलहाल इस पूरे मामले पर आगरा पुलिस जांच में जुट गई है।

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