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BSP महासचिव ने ब्राह्मणों को याद दिलाया 2007 वाला सम्मान, ऐसे साधा निशाना

बरेली। प्रदेश में चुनावी संग्राम का बिगुल भले ही ना फुंका हो, लेकिन सभी सभी सियासी दल ने अपने-अपने योद्धाओं को मैदान में उतार दिया है। भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा समेत सभी दलों के नेताओं ने राजनीतिक कुछ पाने के लिए सत्ता पर निशाना लगाना शुरू कर दिया है। शाहजहांपुर जिले के पुवायां स्थित रामलीला मैदान में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र ने मंडल स्तरीय सभा की। इस सभा के जरिये उन्होंने दलित और ब्राह्मण गठजोड़ को साधने की कोशिश की।
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बहुजन समाज पार्टी ने बरेली मंडल की अनुसूचित जाति एवं जनजाति की चारों सुरक्षित सीटों बरेली की फरीदपुर, बदायूं की बिसौली, पीलीभीत की पूरनपुर और शाहजहांपुर की पुवायां विधानसभा क्षेत्र की कमेटियों, सेक्टर कमेटियों और जिला कमेटियों के साथ ही सर्वसमाज के पूर्व पदाधिकारियों को बुलाया गया। सर्व समाज में भी मंच और प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य केंद्र ब्राह्मण समाज ही रहा। सतीश चंद्र मिश्रा एक बार फिर अपने मतदाताओं को एकजुट करने में लगे हैं।

बसपा के महासचिव मिश्र ने अपने भाषण में कहा कि ब्राह्मण का सम्मान बसपा में ही है। उन्होंने ब्राह्मण समाज के लोगों को कहा कि वर्ष 2007 में हुए चुनाव में 43 विधायक जीतकर आए थे। वर्तमान भाजपा सरकार में भी ब्राह्मण समाज के इतने विधायक नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने भाजपा सरकार में सूबे में ब्राह्मण नेताओं पर होने वाली कार्रवाई का जिक्र भी किया, जिससे ब्राह्मण वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके।
प्रदेश की 86 सुरक्षित सीटों पर अलग से जनसभा कर रहे हैं। ऐसा करके उनकी कोशिश है कि इन सीटों पर ब्राह्मण समाज के वोटरों को पार्टी के पक्ष में करके सरकार जीत हासिल की जा सके। पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ब्राह्मण समाज से एकजुट होने के लिए कहा। अब बरेली मंडल की पुवायां, फरीदपुर, पूरनपुर और बिसौली की सुरक्षित सीटों पर अगर ब्राह्मण समाज और दलित समाज के वोटर एकजुट करने की सोशल इंजीनियरिंग कामयाब हो गई तो चुनाव के परिणाम भी प्रभावित करने वाले होंगे।

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