mohit agrwal

कानपुर। उत्तर प्रदेश में अपराधी-पुलिस और सत्ता का गठजोड़ कानपुर का बिकरू कांड था। इस कांड के अपराध में शामिल लोगों के नाम सामने आते जा रहे हैं। बिकरू कांड के मुख्य आरोपी और एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के मददगार रहे पुलिसकर्मियों की शिनाख्त हो चुकी है। एसआईटी जांच के बाद खाकी को दागदार करने वाले पुलिस कर्मियों की सजा भी तय हो गई है। गैंगस्टर के मददगार के रूप में 37 पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। दोषी पाये गये में 1996 से लेकर 2020 तक वे सभी पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने कहीं न कहीं विकास दुबे को कानून के शिकंजे से निकालने का काम किया। कई पुलिसवाले तो ऐसे भी हैं जिन्होंने विकास के काले कारनामों पर पर्दा डाला है।

vikash dubey

सात सदस्यीय एसआईटी जांच की अगुवाई कर रहे आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस घटना के बाद तत्कालीन डीआईजी अनंत देव तिवारी समेत 11 सीओ को भी दोषी पाया गया था। सभी सीओ ने विकास की मदद में किसी न किसी स्तर से शामिल रहे हैं। इनकी जांच शासन स्तर से हो रही है। एसआईटी जांच की सूची में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही पद के लोग शामिल हैं। कार्रवाई होने के बाद इसकी रिपोर्ट एडीजी जोन के जरिए शासन को भेजी जाएगी। कार्रवाई की जो सूची तैयार की गई है उसमें 37 पुलिसकर्मी शामिल हैं। ज्ञात हो कि जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि चार रिटायर हो चुके हैं। विकास दुबे के मददगारों में से तत्कालीन थाना इंचार्ज एसके वर्मा और थाना इंचार्ज चैबेपुर संजय सिंह की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा पूर्व थाना इंचार्ज बजरिया काजी मोहम्मद इब्राहिम, पूर्व इंचार्ज चैबेपुर लालमणि सिंह, वेद प्रकाश, तत्कालीन थाना इंचार्ज रूरा धर्मवीर सिंह, पूर्व एलआईयू बीट प्रभारी कल्याणपुर सुरेश कुमार तिवारी रिटायर हो चुके हैं।

इनका दोष सिद्ध
जांच में एसआई चौबेपुर अजहर इशरत, वीरपाल सिंह, विश्वनाथ मिश्रा, सिपाही अभिषेक कुमार का दोष सिद्ध हो चुका है। इन दोशियों को नोटिस जारी किया गया है। सिपाही राजीव कुमार को मिस कंडक्ट का नोटिस दिया गया है। वहीं पूर्व एसओ चैबेपुर विनय कुमार तिवारी, हल्का इंचार्ज केके शर्मा के बयान न होने के कारण निर्णय नहीं लिया गया है। एसआई थाना कृष्णा नगर लखनऊ अवनीश कुमार सिंह की भी जांच जारी है।

इन्हें दिया गया मिस कंडक्ट
पूर्व एसआई चौबेपुर दीवान सिंह, पूर्व हेड कांस्टेबल चैबेपुर लायक सिंह, सिपाही विकास कुमार और कुंवरपाल को मिस कंडक्ट दिया गया है। इंस्पेक्टर बजरिया राममूर्ति यादव को नोटिस जारी किया गया है। थाना कृष्णा नगर लखनऊ के पूर्व एसओ अंजनी कुमार पांडेय की जांच जारी है।

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