शाहजहांपुर: खूनी पेपर मिल में फिर हुआ हादसा, 3 मजदूर झुलसे, 1 की मौत, 1 की हालत गंभीर

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शाहजहांपुर में स्थित केआर पल्प और पेपर फैक्ट्री में एक भीषण हादसा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक शाहजहांपुर- कांट रोड स्थित केआर पल्प और पेपर मिल में दिलाजाक मोहल्ला निवासी वेदपाल, इमृत और राजीव मजदूरी करते हैं। 21 अगस्त को तीनों लोग पल्प मिल (यूनिट 2) में स्टीम की लाइन में मरम्मत का कार्य पिछले तीन दिनों से कर रहे थे। यह कार्य आर के सैनी जी की देख भाल में हो रहा था। दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर यूनिट 1 से स्टीम की लाइन जसपाल सिंह द्वारा चालू किया गया और तीनों लोग स्टीम से जल गए।

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घटना के बाद मिल में हड़कंप मच गया। फौरन एक मजदूर को मेडिकल कॉलेज और दो को बरेली के लिए भेजा गया। इमृत और वेदपाल की हालत गंभीर होने के कारण उनको दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान इमृत की मौत हो गई, जबकि वेदपाल की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक इमृत मुरादाबाद का रहने वाला था। इस मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने केआर पल्प और पेपर मिल के मालिकों पर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि मिल के मालिक माधव गोपाल अग्रवाल अपने रसूख का इस्तेमाल करके मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

परिजनों का ये भी आरोप है कि हादसे की खबर समाचार पत्रों में ना छपे इसके लिए भी पूरा जोर लगाया गया है। घटना वाले दिन प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार हादसे से अनभिज्ञता जताते रहे। केआर पल्प औऱ पेपर मिल के डीजीएम एचआर सुमित माहेश्वरी का कहना है कि बॉयलिंग प्लांट का वॉल्व लीक होने से हादसा हुआ था, जिस से मजदूर झुलस गए थे। अब हालात सामान्य है। दिल्ली के पंजाबी बाग के ईएसआई अस्पताल में भर्ती वेदपाल की हालत भी गंभीर बनी हुई है। कुल मिलाकर इस घटना के बाद केआर पल्प और पेपर मिल में खौफ का माहौल बना हुआ है। मजदूर दबी जुबान में लापरवाही की बात कर रहे हैं और मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग कर रहे हैं। फिलहाल केआर पल्प और पेपर मिल लिमिटेड की तरफ से इस मामले पर चुप्पी साध ली गई है। बता दें कि इस फैक्ट्री में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है।

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