Thursday, February 9, 2023

Basti:देसी छोरे पर आया विदेशी छोरी का दिल, जापान से आकर हिंदू रीति- रिवाज में रचाई शादी

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में दुबौलिया के डेईडिहा गांव के किसान राजेंद्र त्रिपाठी के इंजीनियर बेटे अजीत त्रिपाठी और जापान की मसाको रविवार की रात हिंदू रीति- रिवाज से शादी की है। लड़के और लड़की के परिवार वालों ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद भी दिया है।

Must read

- Advertisement -

Basti: जब प्यार परवान चढ़ता है तो इंसान मजहब की दीवार तो थोड़ी देता है। लेकिन प्यार में वतन की सरहदें पार करते हुए आप लोगों ने बहुत कम ही देखा होगा। ऐसा ही एक मामला इस वक्त उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आया है बस्ती जिले के किसान राजेंद्र त्रिपाठी के इंजीनियर बेटे ने एक विदेशी छोरी से शादी कर ली है। अपने प्यार के खातिर विदेशी लड़की ने शरहद पार करके हिंदू रीति रिवाज में शादी की है। दरअसल आपको बता दें उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में दुबौलिया के डेईडिहा गांव के किसान राजेंद्र त्रिपाठी के इंजीनियर बेटे अजीत त्रिपाठी और जापान की मसाको  रविवार की रात हिंदू रीति- रिवाज से शादी की है। लड़के और लड़की के परिवार वालों ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद भी दिया है।

विदेशी छोरी ने देसी छोरे के साथ रचाई शादी

- Advertisement -

विदेशी छोरी और देसी छोरे की शादी परिजनों की मौजूदगी में हुई है। शादी में सभी परिजन झूम कर नाचे हैं। दुल्हन के लिए यह शादी बेहद ही रोमांचक रही है क्योंकि विदेशी थी और हिंदू रीति – रिवाज में शादी की गई है। दरअसल आपको बता दें इंजीनियर अजीत त्रिपाठी 8 वर्षों से जापान टोकियो में हिकारी तुल्सेन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है वही दुल्हन मास्को टोकियो में ही ऑनलाइन मार्केटिंग मैनेजर है।Basti आपको बता दें अजीत त्रिपाठी ने गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राइमरी और हाईस्कूल की परीक्षा पास कर इंटर की पढ़ाई अयोध्या से की थी। बीटेक की पढ़ाई करने पश्चिम बंगाल दुर्गापुर राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्था चले गए थे। उसके बाद 2014 में वह जापान चले गए।

परिवार को मनाने के लिए करनी पड़ी थी मशक्कत

दूल्हा -दुल्हन ने बताया कि परिवार को मनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आपको बता दे 2 साल पहले दूल्हा दुल्हन की दोस्ती हुई थी और फिर प्यार में बदल गई तो उन्होंने एक-दूसरे के व्यवहार कुशलता को देखते हुए एक दूसरे से शादी करने का फैसला किया है। Bastiशादी करने के लिए दूल्हा दुल्हन को 1 साल तक मशक्कत करनी पड़ी लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी। अजीत ने अपने माता-पिता को मनाने के लिए बहुत कोशिश की फिर वह लोग शादी के लिए मान गए। वहीं मसाको को भी अपने माता-पिता को मनाना आसान नहीं रहा। दोनों के परिवार ने शादी के लिए हां कर दी और हिंदू रीति रिवाज में शादी की गई।

Read More-मां-बाप की उजड़ गई दुनिया, सांसद की गाड़ी ने रौंदा परिवार का इकलौता चिराग

- Advertisement -

More articles

Latest article