बस्ती: नहीं मिला बकाया भुगतान, तो किसानों ने शुरू किया महापंचायत, जानें पूरा मामला

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बस्ती: जनपद में मिल मालिकों की मनमानी के चलते गन्ना किसान बेहद परेशान हैं। यहां मिल तो संचालित कर दी गई है, पर जो किसानों का पिछला बकाया था उसका भुगतान आज भी नहीं हो पाया है, जिसके चलते आज किसानों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। यूपी सरकार भले ही किसानों के हित की बात करती हो मगर सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है। पिछले एक महीने से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों का धैर्य आज टूट गया और वे विकास भवन कार्यालय पर धरना देने पहुंच गए। गुस्साए किसानों ने अनिश्चित काल किसान पंचायत शुरू कर दिया है। सैकड़ों किसानों को देख जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए और भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष के नेतृत्व में अनिश्चित कालीन किसान पंचायत शुरू कर दिया है। ये भी पढ़े :बस्ती: प्रधानी चुनाव को लेकर दो पक्षों में खूनी भिड़ंत, मारपीट के साथ चली गोलियां, 18 लोग घायल

किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए भाकियू नेताओ ने कहा कि, यदि जिला गन्ना अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की बात सुनी होती तो ऐसे आन्दोलन की जरूरत न पड़ती। सैकड़ों किसानों के खाते गलत तरीके से फ्रिज कर दिए गए हैं। गन्ना किसानों ने 15 दिनों तक इंतजार करते हुए संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर गन्ना भुगतान की गुहार लगाया लेकिन उनकी जायज मांगों को अनसुनी कर दिया गया।

कई साल से किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों ने कहा कि सीएम योगी ने चुनाव के दौरान बताया था कि अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनती है तो 14 दिन के अंदर सभी गन्ना किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन यहां जमीनी हकीकत में यह एक जुमला निकला। आज केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बावजूद भी गन्ना किसानों का भुगतान नही किया गया। उन्होंने बताया कि जब हम अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिये धरने प्रदर्शन करने को मजबुर हो रहे हैं।

जिला गन्ना अधिकारी रंजीत ने बताया कि आज यहाँ पर किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। गन्ना किसानों का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा आप किसानों ने उप जिलाधिकारी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ये भी पढ़े :बस्ती: बेखौफ अपराधियों के हौसले बुलंद, मारपीट में 1 शख्स की हुई मौत, परिवार के 2 लोग घायल

बस्ती से रजनीश कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट