बस्ती: कोरोना वायरस ने बस्ती में भी मारी एंट्री, महंगा होने की वजह से मार्केट में बढ़ी मास्क की किल्लत

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Basti-corona virus

चीन से शुरू होकर लगभग 12 देशों में महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस का असर अब बस्ती जिले में भी मंडराता दिखाई दे रहा है. कोरोना वायरस से बचाव की खबरें जिस तरह से चल रही हैं, इसकी वजह से उपकरण बाजार से जहां गायब हो गए हैं, तो वहीं अस्पतालों में भी संकट गहराता हुआ नजर आ रहा है. थोक व फुटकर दुकानों पर मास्क नहीं मिल रहे हैं. यदि कहीं मिल भी रहा है तो दोगुने दाम पर, जो आम लोगों के बजट के बाहर है. यही कारण है कि कई दुकानदार तो दाम दोगुने होने की वजह से मास्क व सेनेटाइजर मंगाना बंद कर दिए हैं. व्यापारियों का इस पर कहना है कि स्कूलों में लगातार बच्चों को मास्क पहनने की सालह दी जा रही है, इसलिए अभिभावक बार-बार दुकानों पर मास्क लेने आ रहे हैं.

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हालांकि कोरोना वायरस खतरनाक बीमारी तो है ही, लेकिन इसी बीच इस वायरस को लेकर तमाम तरह की अफवाहें भी बड़ी तेजी से वायरल हो रही हैं. ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से भी पूरे देश मे एडवाइजरी जारी कर लोगों को साफ सफाई पर ध्यान रखने की हिदायत दी गई है. हालांकि सरकार का प्रयास ये है कि लोग पैनिक न हों लेकिन इसके बावजूद अचानक मास्क और सेनेटाइजर की मांग बढ़ी तो दुकानों से यह गायब हो गया. जो मास्क और सेनिटाइजर स्टोर में रखे थे वह भी बिक चुके हैं. कई लोगों ने तो पहले से ही बचाव को देखते हुए ज्यादा मास्क की खरीदारी करके रख लिया है.
स्कूलों में भी बच्चों को मास्क और सेनिटाइजर इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. ऐसे में अब 65 रुपये का सेनिटाइजर 100 रुपये से भी अधिक रेट में बिक रहा है. ऐसे में अच्छी क्वालिटी वाला मास्क की किल्लत है, लेकिन कहीं मिल भी रहा है तो वो भी 50 से 60 रुपये तक में बेचा जा रहा है. इसके अलावा जिला और महिला अस्पताल समेत जिला क्षय रोग और कैली में भी मास्क सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हैं. सीएचसी-पीएचसी पर भी यही हाल है.

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इस बारे में दवा कारोबारी नदीम अहमद ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बाजार में मास्क की कमी है. ऐसे में लोग दोगुने दाम पर भी इसे खरीदने को तैयार हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोरोना को लेकर कई तरह की अफवाहे फलाई जा रही हैं. इसके अलावा साहू मार्केट के थोक दवा कारोबारी रजनीश जायसवाल का इस बारे में कहना है कि जो मास्क थे वह बिक चुके हैं. जबकि जहां से मास्क आ रहा था अब उन्होंने भी महंगा देना शुरू कर दिया है, यही वजह है कि इसे कम मंगाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने बातचीत में ये भी बताया कि बस्ती में इस वायरस का कोई असर ही नहीं है. इसलिए लोगों को परेशान होने की जरूरत ही नहीं है.

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इस बारे में कारोबारी शरद श्रीवास्तव ने भी मीडियाकर्मी से बात की और बताया कि मास्क की शॉर्टेज तो हो ही गई है. लेकिन इस मास्क का कोरोना से कोई लेना देना नही. हैं. उन्होंने बताया कि शॉर्टेज की वजह से मास्क का रेट भी बढ़ गया है. शरद श्रीवास्तव के अलावा जब फुटकर महफूज दवा विक्रेता से इसके बारे में बातचीत की गई तो उनका कहना है कि मास्क को लेकर किल्लत है, इसलिए मंगाना छोड़ दिया है. कुछ लोग हैं जो मास्क की कालाबाजारी कर रहे हैं. जो मास्क कम्पनी से 10 रुपये में आ रहा है उसको 50 से 60 रुपये में बेचा जा रहा हैं. जिला प्रशासन को इस पर लगाम लगानी चाहिए.

इसके अलावा एक प्राइवेट विद्यालय के प्रबंधक एच पी चौधरी का इस बारे में कहना है कि सबको मास्क की जरूरत नहीं है. हालांकि हमने बच्चो को निर्देश दिया है कि अगर सर्दी जुकाम हो तो मास्क का उपयोग करें. साफ सफाई रखें. होली पर रंगों से परहेज करें, सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग करें.

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