Monday, December 6, 2021

अयोध्या में बैंक अधिकारी ने लगायी फांसी, सुसाइड नोट में आईपीएस सहित तीन के नाम

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अयोध्या। अयोध्या में एक युवा महिला बैंक अधिकारी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मौका-ए-वारदात से पुलिस को युवती का एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में युवती ने लखनऊ में तैनात एक आईपीएस अधिकारी, फैजाबाद के एक पुलिस अधिकारी समेत अपने पूर्व मंगेतर का नाम लिखा है। माता-पिता के नाम लिखे गए महज तीन लाइन के इस सुसाइड नोट में युवती नें इन तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। साथ ही अपने माता-पिता से अपने इस कदम के लिए माफी मांगी है। इसी मसले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जांच की मांग की है।

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महिला बैंक अधिकारी द्वारा आत्महत्या की ये सनसनीखेज वारदात अयोध्या के खवासपुरा मोहल्ले में हुई है। महिला बैंक अधिकारी की पहचान लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी 30 वर्षीय श्रद्धा गुप्ता के रूप में हुई है। वह अयोध्या स्थित पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में स्केल वन ऑफिसर थी। पुलिस ने मौके से बरामद श्रद्धा के सुसाइड नोट को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में अयोध्या में तैनात रहे एसएसपी आशीष तिवारी सहित तीन लोगों को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया गया है। आइपीएस के अतिरिक्त दूसरा पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षी अनिल रावत बताया गया है। तीसरा युवक विवेक किस प्रकार श्रद्धा का उत्पीड़न कर रहा था, यह बात मृतका के स्वजन भी स्पष्ट नहीं कर सके हैं।

श्रद्धा के परिवार से जुड़े दीप ने बताया कि शुक्रवार की शाम से ही घरवाले श्रद्धा को फोन कर रहे थे, लेकिन श्रद्धा की ओर से फोन रिसीव नहीं हुआ। शनिवार सुबह भी फोन किया गया तो कोई उत्तर न मिलने पर मकान मालिक को सूचना दी गई। मकान मालिक ने श्रद्धा के कमरे में लगी खिड़की से देखा तो अंदर उसका शव फंदे से लटक रहा था। उनकी सूचना पर मृतका के स्वजन यहां पहुंचे। एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह, एएसपी पलाश बंसल भी मौके पर पहुंचे और खिड़की तोड़कर श्रद्धा के कमरे में दखिल हुई पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया। कमरे से एक सुसाइड नोट प्राप्त हुआ, जिसमें एक आईपीएस अधिकारी, एक पुलिस कर्मी तथा एक युवक को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया गया है।

अखिलेश ने की जांच की मांग

अखिलेश यादव ने इसी मसले पर ट्वीट करते हुए कहा कि अयोध्या में पंजाब नेशनल बैंक की महिला कर्मचारी की आत्महत्या मामले में मिले सुसाइड नोट में जिस प्रकार पुलिस के लोगों पर सीधा आरोप है वो यूपी में बदहाल कानून-व्यवस्था का कड़वा सच है। इसमें सीधे एक आईपीएस अफसर तक का नाम आना बेहद गंभीर मुद्दा है। इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो। इस मामले को लेकर एक बार फिर यूपी पुलिस पर संदिग्ध नजरे हैं।

2 दिन से बंद था दरवाजा

बताया जा रहा है कि अयोध्या में पंजाब नेशनल बैंक में पब्लिक अफसर के पद पर तैनात श्रद्धा गुप्ता का शव शनिवार को उसके कमरे में दुपट्टे से लटकता हुआ पाया गया है। 2 दिन से उसके घर का दरवाजा नहीं खुला और फोन भी नहीं उठा तो पड़ोसियों ने मकान मालिक को जानकारी दी और उसने पुलिस को बुलाया। दरवाजे के ऊपर रोशनदान को तोड़कर पुलिस जब अंदर पहुंची तो श्रद्धा कमरे के छज्जे में लगे कुंढे से लटकती मिली। ज्ञात हो कि यह छज्जा जमीन से महज 7 फुट ऊपर था और गले में बंधे दुपट्टे के सहारे लटकती हुई श्रद्धा का पैर जमीन पर था और मुड़ा हुआ भी था। ऐसे में आत्महत्या की थ्योरी और हत्या की आशंका के बीच उसकी मौत के रहस्य उलझ कर रह गई है।

इस हत्या और आत्महत्या के बीच युवती का सुसाइड नोट है। इसमें 3 नाम लिखे गए हैं। इन्हीं 3 नामों को श्रद्धा ने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें लखनऊ की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले विवेक गुप्ता का नाम है जिससे कोविड-19 की पहली लहर से पहले श्रद्धा के साथ शादी तय हुई थी। उसने सगाई के पहले श्रद्धा ने यह कहते हुए रिश्ता तोड़ लिया कि लड़के का चाल चलन ठीक नहीं है। सुसाइड नोट में दूसरा नाम आशीष तिवारी का है जो बेहद चैंकाने वाला इसलिए है कि नाम के आगे एसएसएफ हेड लखनऊ लिखा हुआ है तो तीसरा नाम अनिल रावत का है जिसके नाम के आगे पुलिस फैजाबाद लिखा हुआ है।

शादी तय हुई लेकिन टूट गई

श्रद्धा के चचेरे भाई दीप का दावा है कि ये तीनों दोस्त हैं और उन्होंने इतना प्रताड़ित किया की उसने आत्महत्या कर ली. पहले शादी तय हुई थी लेकिन बाद में टूट गई। इस मामले में पुलिस के सभी बड़े अफसरों ने घटनास्थल की जांच की और फॉरेंसिक टीम ने भी श्रद्धा के कमरे और घर की गहन जांच की। वीडियोग्राफी के दौरान रोशनदान तोड़कर परिजनों की उपस्थिति में दरवाजा खोला गया तो श्रद्धा का शव दुपट्टे से लटकता हुआ मिला। एसएसपी अयोध्या की मानें तो पोस्टमार्टम के बाद मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। हालांकि उसकी सुसाइड नोट में लिखे गए नामों को परीक्षण के बाद आरोप तय करने की बात उन्होंने कही है।

कुछ लोगों का नाम आया, यह जांच का विषय

अयोध्या के एसएसपी शैलेश पांडे ने कहा कि पुलिस को यह जानकारी मिली कि एक महिला जो एक बैंक में अधिकारी के रूप में कार्यरत थी। वह अपना दरवाजा नहीं खोल रही थी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की उपस्थिति में जब रोशनदान तोड़कर वीडियोग्राफी कराते हुए अंदर गए और दरवाजा खोला तो दुपट्टे से लटकी हुई बॉडी मिली। बॉडी को नियम के तरीके से पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के माध्यम से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वहां पर एक नोट मिला है। उस नोट को विधि संगत तरीके से कब्जे में ले लिया है। उसकी जांच कराई जाएगी। उसमें कुछ नाम हैं कैसे ये नाम है इसमें यह जांच का विषय है।

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