Wednesday, December 8, 2021

ओमप्रकाश राजभर के बिगड़े बोल, जिन्ना को पीएम बना दिया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता

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वाराणसी। विधानसभा चुनाव से पहले नेताआंे के बोल तेजी बिगड़ने लगे हैं। धार्मिक, ऐतिहासिक तथ्यों को पेश कर एक नया बखेड़ा खड़ा करने की कोशिश शुरू हो गयी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने विवादित बयान दिया है। राजभर ने कहा कि अगर जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया होता तो देश का बंटवारा न हुआ होता। ज्ञात हो कि इससे पहले अखिलेश यादव ने जिन्ना के बयान का सहारा लिया था, जिस पर भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गयी थी। अखिलेश यादव ने एक सभा में जिन्ना को लेकर बयान दिया था। इस बारे में जब ओम प्रकाश राजभर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया होता तो देश का बंटवारा न हुआ होता। राजभर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई से लेकर लालकृष्ण आडवाणी तक जिन्ना की तारीफ किया करते थे। इसलिए उनके विचारों को भी पढ़िए।

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पत्रकारों पर भड़के ओमप्रकाश राजभर

जब अखिलेश के बयान और जिन्ना के बारे में और सवाल पूछे गये तो वे भड़क गये। उन्होंने कहा कि जिन्ना के अलावा आप लोग महंगाई का सवाल क्यों नहीं पूछते ? यह सारा कुछ भारतीय जनता पार्टी की वजह से हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी से हिंदू मुसलमान और भारत-पाकिस्तान हटा दीजिए तो उनकी जुबान बंद हो जाती है। ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने अखिलेश यादव की पार्टी सपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। विधानसभा चुनाव 2022 में दोनों पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। सपा और राजभर में अभी सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है।

Akhilesh yadav op rajbhar

अखिलेश ने कही थी ये बात

31 अक्टूबर को अखिलेश यादव के भाषण का वीडियो पोस्ट किया था जिसमें पूरी बात सुनी जा सकती है। अखिलेश यादव कहते हैं, “सरदार पटेल जमीन पहचानते थे, जमीन को पकड़ कर के फैसले लेते थे. वो जमीन को समझ लेते थे तभी फैसले लेते थे। इसीलिए आयरन मैन के नाम से जाने जाते है, लौह पुरुष के नाम से भी जाने जाते हैं. सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, जिन्ना एक ही संस्था में पढ़कर के बैरिस्टर बनकर आये थे. एक ही जगह पर पढ़ाई-लिखाई की उन्होंने, वो बैरिस्टर बने. उन्होंने आजादी दिलाई। अगर उन्हें किसी भी तरह का संघर्ष करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा जिसपर पाबन्दी लगायी. अगर किसी ने पाबन्दी लगायी थी तो लौहपुरुष सरदार पटेल ने लगायी थी।

भाजपा के निशाने पर आए अखिलेश यादव

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद सपा भाजपा के निशाने पर आ गयी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव को आतंकवादियों का मददगार तक बता दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान को ‘शर्मनाक‘ और ‘तालिबानी मानसिकता‘ वाला बताया. इसके साथ ही सीएम योगी ने अखिलेश से माफी मांगने की बात भी कही थी।

यह भी पढ़ेंः-जिन्ना से पटेल की तुलना ‘शर्मनाक‘, ‘तालिबानी मानसिकता‘ वाले बयान पर अखिलेश माफी मांगें : योगी

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