हाथरस के आरोपियों का केस लड़ेंगे एपी सिंह, निर्भया के दोषियों के रह चुके है वकील

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यूपी के हाथरस कांड के बाद देशभर में गुस्सा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग इस घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे है। विपक्ष भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमलवार है। तो साथ ही दलित वर्ग भी लामबंद है लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसे संगठन भी है। जो इन आरपियों को बचाने की कोशिश में लगे है। वही, अब आरोपियो को बचाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। हाथरस कांड के आरोपियों का केस वकील ऐपी सिंह के पास पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक, निर्भया केस में बलात्कारियों का केस लड़ने वाले वकील एमपी सिंह अब हाथरस केस में आरोपियों के बचाव में केस लड़ेंगे।

दरअसल भारतीय क्षत्रिय महासभा हाथरस कांड में आरोपियों को बचाने की कोशिशों में लगी है। ऐसे में इस सभा ने एपी सिंह को आरोपियों का वकील नियुक्त किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे राजा मानवेंद्र सिंह की तरफ से एपी सिंह को हाथरस के आरोपियों का केस लड़ने के लिए कहा गया है। जिसके लिए मानवेंद्र सिंह ने एक पत्र भी लिखा। इस पत्र में बताया गया कि वकील एपी सिंह की फीस भरने के लिए अखिल क्षत्रिय महासभा पैसे इकट्ठे करेगी। इस पत्र में कहा गया है कि हाथरस केस के माध्यम से एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करके सवर्ण समाज को बदनाम किया जा रहा है, जिससे खासतौर से राजपूत समाज बेहद आहत हुआ है। ऐसे में इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए मुकदमे की पैरवी आरोपी पक्ष की तरफ से एपी सिंह के द्वारा कराने का फैसला किया गया है।

इसके अलावा हाथरस केस के आरोपियों के परिवार ने भी वकील एपसी सिंह से केस लड़ने की बात कही है। गौरतलब है कि 14 सितंबर को हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस घटना में आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदों को पार कर दिया। आरोपियों ने लड़की की जीभ काट दी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी। इस घटना में जहां एक तरफ आरोपियों ने हदों को पार किया। तो साथ ही प्रशासन का रवैया देख हर कोई हैरान रह गया। सरकार ने भी पीड़ित परिवार के साथ अन्याय किया। परिवार के परमीशन के बिना प्रशासन ने मृत महिला की लाश को जला दिया था। जिससे देख हर कोई हैरान रह गया।

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