बस्ती में मासूम बच्चों के लिए अमूल बना जानलेवा, दुकानदार बेच रहे हैं एक्सपायरी डेट का दूध

बच्चा जब जन्म लेता है, तब उसे दूध की दरकार होती है। बच्चा जब चलना शुरू करता है तब उसे दूध की दरकार होती है। बच्चा जब किशोरावस्था में दस्तक देता है, तब उसे दूध की दरकार होती है। बच्चा जब युवावस्था में प्रवेश करता है, तब उसे दूध की दरकार होती है। इतना ही नहीं, एक स्वास्थ्य शरीर के सतत निर्माण में दूध की अहम भूमिका किसी भी इंसान के जीवन में ताउम्र अर्थात उसके वृद्धावस्था तक बनी ही रहती है, मगर यूपी के जिला बस्ती के तहसील हरैया में उस वक्त ये जीवन रक्षक दूध जानलेवा रूख अख्तियार करता हुआ नजर आया, जब दूध की जानी मानी कंपनी अमूल दूध की गुणवत्ता की शिकायत करने ग्राहक रवि शर्मा उस दुकान पहुंचें, जहां से उन्होंने इस दूध को खरीदा था । ये भी पढ़े :बस्ती: इस शख्स को प्यार की चुकानी पड़ी भारी कीमत, जान से धोना पड़ा हाथ

शिकायतकर्ता ग्राहक रवि शर्मा के मुताबिक, जब वे दुकानदार से अमूल दूध लेकर सीधा अपने घर आए और उन्होंने अमूल दूध का पैकेट खोला तो यकीन मानिए इस पैकेट में मौजूद दूध दो फाड़ हो गया। दो फाड़ से हमारा मतलब दूध में मौजूदा दुग्ध पदार्थ एक तरफ तो वहीं दूसरी हल्का सफेद ठोस पदार्थ दूसरी तरफ। दूध के इस भयावह तस्वीर को देखकर शिकायतकर्ता ग्राहक भी खुद एक पल के लिए हैरान और परेशान हो गया। इसके बाद वो सीधा उस दुकानदार के पास पहुंचा, जहां से इन्होंने इस दूध को खरीदा था, लेकिन दुकानदार ने फौरन अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ये दूध कंपनी बनाती है। कंपनी द्वारा प्रिन्टेड है। इसी बीच, शिकायतकर्ता रवि ने दुकानदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें 28 तारीख को एक्सपायर हुआ दूध 30 तारीख को बेचा गया।

इतना ही नहीं, दूध में मिलावटखोरी और लापरवाही का दायर उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया, जब फुड इंसपेक्टर  शिकायतकर्ता ग्राहक को हिदायत देते हुए कहते हैं कि आपका दूध खराब हो गया है तो आप दूसरा पैकेट ले लीजिेए। मतलब…मतलब साफ है कि इस मामले से जु़ड़ा कोई भी पक्षकार इस बड़ी और भयावह लापरवाही की जिम्मेदारी प्रत्यक्ष रूप से लेने को तैयार नहीं।

इसी बीच, जब इस भायवह लापरवाही को लेकर पत्रकारों ने एजेंसी के मालिक से बात की तो उन्होंने दो टुक कह दिया, ‘कि देखिए आपके गांव का एक रिटेलर है, जो हमसे दूध ले जाता है। उसने 27 तारीख का दूध 30 को तारीख बेचा। ये सारी गलती उसी की है। दूध एक्सपायर हो गया तो नहीं बेचना चाहिए था। उसने बेचा ये सारी गलती उसकी है। रिटेलर को इसे फेक देना चाहिए था।

इस जब इस भयावह लापरवाही को लेकर एजेंसी के मालिक की भूमिका पर सवाल उठाए गए तो उन्होंने सीधा अपना पल्ला झाड़ते हुए कह दिया, ‘देखिए हमको दूध मिला, हम जाकर सीधा रीटेलरों को दे देतें हैं। अब हम घर-घर जाकर देख नहीं पाएंगे न’। एजेंसी मालिक ने इस मामले में सीधा अपना बचाव करते हुए कहा कि देखिए रिटेलर ने एक्सपायरी डेट का दूध बेचा है। एजेंसी मालिक के मुताबिक, रिटेलर हमसे 27 तारीख को दूध ले गया और उसने 30 तारीख को इसे बेचा।

वहीं, जब इस मामले को लेकर खाद्द अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि देखिए एक्सपायरी माल तो कोई भी बेच ही नहीं सकता। अब इस मामले में, जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर सीधा कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, इस मामले ने बस्ती जिला के हरैया तहसील के इस भयावह लापरवाही की पोल खोलकर कर रख दी है। अब ऐसे में ये देखना होगा कि खाद्द अधिकारी इस मामले में क्या कुछ कार्रवाई करते हैं। क्या पीड़ित ग्राहक को न्याय मिल पाएगा? क्या ऐसी घोर लापरवाहों पर कानून-व्यवस्था का शिकंजा कस पाएगा। ये तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा।यूपी वार्ता न्यूज डेस्क ये भी पढ़े :बस्ती: सरदार पटेल की जयंती पर दिखा शानदार नजारा, पुलिस ने किया ये काम
बस्ती से रिपोर्टर रजनीश कुमार पाण्डेय 

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