लखनऊ। अलीगढ़ जिले का नाम ‘हरिगढ़’ रखने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके साथ ही मैनपुरी का नाम भी मयन ऋषि के नाम पर रखने का प्रस्ताव जिला पंचायत में पास किया गया है। अलीगढ़ में जिला पंचायत बोर्ड की हुई मीटिंग में केहरी सिंह और उमेश यादव ने अलीगढ़ का नाम बदलकर ‘हरिगढ़’ रखने का प्रस्ताव रखा था, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। सूबे की योगी सरकार कई शहरों के नाम बदल चुकी है, जिसमें इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या करना शामिल है, जबकि कुछ दिन पहले फिरोजाबाद जिला पंचायत ने जिले का नाम बदलने का प्रस्‍ताव पारित किया था।

भाजपा को पहली बार मिली है मैनपुरी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी

मैनपुरी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पहली बार भाजपा के पास आई है, अभी तक वहां सपा का ही कब्जा रहता था, इस बार चुनावों में बीजेपी की अर्चना भदौरिया जिला अध्यक्ष चुनी गईं। जिला पंचायत सदस्यों के बहुमत मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना भदौरिया ने मैनपुरी का नाम मयन नगर रखने का प्रस्ताव पास कर दिया। मैनपुरी में भी जिला पंचायत के सदस्यों ने मयन ऋषि की तपोभूमि होने के चलते मैनपुरी का नाम मयन नगर रखने का प्रस्ताव रखा। बैठक के दौरान मैनपुरी का नाम बदले जाने को लेकर कुछ जिला पंचायत सदस्यों की ओर से विरोध भी किया गया।

गौरतलब है कि अलीगढ़ का नाम बदले जाने की मांग काफी पुरानी है, जबकि अलीगढ़ से ताल्‍लुक रखने वाले कल्याण सिंह ने 1992 में मुख्यमंत्री रहते हुए इसका नाम हरिगढ़ करने कोशिश की थी, लेकिन तब उनकी कोशिशें साकार नहीं हो पाई थीं, क्‍योंकि उस वक्‍त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। बता दें कि अलीगढ़ में इस वक्त पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह राजू की समधन विजय सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। राजनीति में पहली बार वह सक्रिय भूमिका में सामने आई हैं।

विश्व हिन्दू परिषद ने 2015 में अलीगढ़ में प्रस्ताव पास कर कहा था कि अलीगढ़ का प्राचीन नाम हरिगढ़ ही है, इसे बाद में अलीगढ़ कर दिया गया था, इसलिए इसे अलीगढ़ को हरिगढ़ किया जाना चाहिए। बताते चलें कि सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अपने कार्यक्रम हरिगढ़ के नाम से तय करता है।