bulandshar e rikshaw

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बाद पुलिस ने एक बार फिर बुलंदशहर में बर्बर चेहरा दिखाया है। बुलंदशहर जिले के एक गांव में एक ई-रिक्शा चालक को कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला है। पुलिस की बर्बर पिटाई के बाद मौत मामले के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने थाना छतारी के गांव चोड़ेरा में ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की थी। गंभीर रूप से घायल चालक को अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान युवक की मौत हो गयी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि थाना छतारी के इलाके में बनी पुलिस चैकी पंडावल पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ई रिक्शा चालक की पिटाई की थी। बर्बर पिटाई के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है।

ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति खासा आक्रोश जताते हुए रोड जाम कर दिया है। मौके पर पहंुच कर स्थानीय विधायक अनीता लोधी एवं डीएम और एसएसपी के अनुरोध के बाद जाम खोल दिया गया है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने एक दरोगा और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। उन्हांेने विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया है।
ज्ञात हो कि इससे पहले होटल चेकिंग के नाम पर कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता को गोरखपुर के एक होटल में पिटाई के बाद मौत मामले में पुलिस पर सवाल उठे हैं।

इस मामले के मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और दारोगा अक्षय मिश्रा को रविवार की शाम गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंप दिया है। घंटों पूछताछ के बाद देर रात एसआईटी ने दोनों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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