ashish mishra

लखीमपुर। लखीमपुर कांड में पुलिस ने आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को शनिवार को तकरीबन 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान गाड़ी से रौंदने वाले और उसके बाद हुई हिंसा में नामजद आरोपी आशीष मिश्रा पूछताछ के दौरान एसआईटी को लगातार बरगलाता रहा। एसआईटी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। जवाब और साक्ष्यों से असंतुष्ट होने पर पहले हिरासत और बाद में गिरफ्तार की घोषणा की गयी। बताया जा रहा है कि किसानों को जिस थार कार से रौंदा गया वो आशीष मिश्रा चला रहा था। जबकि बचाव में आशीष मिश्रा और उनके पिता व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की तरफ से लगातार ये दलीलें दी जा रही हैं कि घटनास्थल पर वो मौजूद ही नहीं था। क्राइम ब्रांच के लिए यही चुनौती थी कि वह मौके पर था या नहीं इसी सवाल पर क्राइम ब्रांच ने भी आशीष मिश्रा से पूछताछ की। जांच एजेंसी की पूछताछ में आशीष से करीब 40 सवाल पूछे गए। एसआईटी के एक सवालों का आशीष जवाब भी नहीं दे सका। आशीष से पूछा गया कि 3 अक्टूबर को दिन में 2ः36 से 3ः30 बजे तक वह कहां थाघ् आशीष इस सवाल का जवाब नहीं दे पायाण् यानी आशीष ने घटना के दिन के वीडियो दिखाकर खुद को कहीं और बताने के प्रयास जरूर किया लेकिन जिन वक्त किसानों को कार से रौंदने की घटना हुई, ठीक उसी वक्त वो कहां था, ये साबित करने में वो सफल नहीं रहा।

पुलिस का बयान

डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया ष्लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि आशीष सहयोग नहीं कर रहे हैं। विवेचना में कई सारी बातें नहीं बताना चाह रहे हैंए इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया आशीष

आशीष मिश्रा के वकील ने बताया कि वह शनिवार देर रात जेल में रहेंगे, सोमवार को मामले की सुनवाई होगी। गिरफ्तारी के बाद आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल में दाखिल किया गया। पुलिस की गाड़ियों के साथ आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल पहुंचाया गया। रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने रात में ही पेश कर आशीष मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

थार का नहीं था इंश्योरेंस

तिकुनिया हिंसा मामले में एक और सच सामने आया है कि जिस थार जीप ने किसानों की जान लीं उस थार का इंश्योरेंस खत्म हो गया था। गाड़ी का इंश्योरेंस 13 जुलाई 2018 से खत्म हो चुका है। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के नाम पर है।

पहले समन पर नहीं पहुंचा था आशीष

ज्ञात हो कि क्राइम ब्रांच ने आशीष मिश्रा को समन किया था। क्राइम ब्रांच की ओर से आशीष मिश्रा को समन कर 9 अक्टूबर को दिन में 11 बजे तक पेश होने को कहा गया था। लखीमपुर पुलिस जब समन लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के घर पहुंची थी तब वहां कोई नहीं था। पुलिस राज्यमंत्री के घर दूसरी नोटिस चस्पा कर आई थी। क्राइम ब्रांच ने आशीष मिश्रा को दोबारा तलब किया।

ये है मामला

गत रविवार 3 अक्टूबरद्ध को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तय कार्यक्रम के तहत लखीमपुर खीरी के दौरे पर थे। मंत्री का स्वागत करने के लिए गाड़ियां जा रही थीं। ये गाड़ियां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की बताई गईं हैं। रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों ने विरोध.प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों को गाड़ियों से रौंद दिया गया। जिससे चार किसानों की मौत हो गयी। आक्रोशित किसानों की हिंसा में एक पत्रकार सहित चार की जान चली गयी।

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