Wednesday, December 8, 2021

108 साल बाद मां अन्नपूर्णा पहुुंची काशी, बाबा विश्वनाथ दरबार में योगी ने की प्राण प्रतिष्ठा

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वाराणसी। धर्मनगरी काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में 108 साल के बाद कनाडा से लाई गई मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा की सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की। उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से गुजरने के बाद सोमवार सुबह प्रतिमा शिव नगरी काशी पहुंची। बाबा विश्वनाथ के दरबार में सीएम योगी ने मां अन्नपूर्णा की प्राण प्रतिष्ठा की। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान विधि-विधान से हो रहा है। सीएम योगी के साथ राज्य के शहरी विकास मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर ट्वीट कर जानकारी दी।

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सोमवार सुबह ही काशी पहुंची है रथ यात्रा

108 वर्षों के बाद कनाडा से भारत लाई गई मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का अद्भुत तरीके से स्वागत किया गया। बाबा विश्वनाथ की चांदी की पालकी में चांदी के सिंहासन पर बैठकर मां अन्नपूर्णा श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया है। विश्वनाथ मंदिर परिसर में प्रतिमा पहुंचने पर उसे गाड़ी से उतारकर पालकी पर रखा गया। सीएम योगी ने खुद पालकी उठाई और प्रतिमा को स्थापना स्थल तक पहुंचाया। मूर्ति को विश्वनाथ मंदिर के ईशान कोण में स्थापित किया गया। सीएम योगी के हाथों प्राण प्रतिष्ठा किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए की जा रही पूजा अर्चना में शामिल हैं। मां अन्नपूर्णा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालु प्रतिमा का दर्शन कर सकेंगे। मां अन्नपूर्णा के स्वागत के लिए काशी विश्वनाथ धाम के प्रवेश द्वार से लेकर बाबा के प्रांगण तक फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है। मां अन्नपूर्णा की मूर्ति ज्ञानवापी द्वार से बाबा की चांदी की पालकी में चांदी के सिंहासन पर बैठकर काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया।

बाबा विश्वनाथ के आंगन में बैठेंगी मां अन्नपूर्णा

हिंदू धर्म में अन्न और धन की देवी मां अन्नपूर्णा 108 साल बाद एक बार फिर बाबा विश्वनाथ के आंगन में विराजेंगी। काशी विश्वनाथ धाम में बाबा की मंगला आरती के बाद ही मां अन्नपूर्णा के अभिषेक के अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। मां अन्नपूर्णा की प्राण प्रतिष्ठा काशी विश्वनाथ मंदिर की पंडितों की टीम काशी विवि परिषद की देखरेख में किया जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी ने बताया कि बाबा विश्वनाथ की रंगभरी एकादशी और सिंहासन की पालकी यात्रा की चांदी की पालकी मां अन्नपूर्णा के लिए भेजी गई थी।

दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़

काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए रविवार को भक्तों की भीड़ अचानक बढ़ गयी थी। गोदौलिया प्रवेश द्वार से गर्भगृह तक कई लाइन लगी थी। ऐसी भीड़ विशेष अवसरों व त्योहारों के समय दिखती है।

कनाडा से लायी गयी देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति

कनाडा से लायी गयी देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति 108 साल बाद रविवार देर रात काशी लौटी। जौनपुर से वाराणसी जिले में प्रवेश करते हुए पिंडरा में मां का स्वागत किया गया। मां के स्वागत के लिए भक्तों में गर्मजोशी बनी रही। तय समय से घंटों विलंब से पहुंचते ही कोई गुलाब की पंखुड़ियां तो कोई माला लेकर दौड़ा।

यह भी पढ़ेंः-मीनाक्षी लेखी ने सौंपी मां अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति, 100 साल बाद काशी लौटी प्रतिमा

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