उत्तर प्रदेश में भीषण सड़क हादसा..ट्रक और ट्रैक्टर की भिड़ंत…6 लोगों की मौत, 30 घायल

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उत्तर प्रदेश में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेज रफ्तार कई जिंदगियां अपने साथ ले गई। तेज रफ्तार घरों को उजाड़ने का कारण बनती जा रही है। यूपी के हाईवे इतने खतरनाक है कि आए दिन कोई ना कोई 2 से 3 ऐसे हादसों की खबरें आती है। हाल ही में यूपी के हरदोई जिले में बुधवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां बिल्हौर कटरा हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली और डीसीएम की भिड़ंत हो गई। घटना में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने खबर है। यह घटना बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सदरपुर की है। बताया जा रहा है कि सड़क हादसा देर रात दो बजे हुआ। ट्रैक्टर ट्रॉली सवार लगभग 35 लोग बघौली थाना क्षेत्र के राम भारत पुरवा निवासी प्रकाश की पुत्री माधुरी का तिलक चढ़ाने के लिए गए थे। वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। ऐसा हादसा पहली बार नहीं हुआ है जब तेज रफ्तार ने घरों के चिराग बूझा दिए हो। एक ओर जहां राजधानी दिल्ली को ताजनगरी आगरा से जोड़ने वाला यमुना एक्सप्रेस वे ‘मौत का हाईवे’ बन चुका है। RTI से मिली जानकारी के आधार पर इस बात का खुलासा हुआ कि यमुना एक्सप्रेसवे पर अगस्त 2012 से लेकर 31 मार्च 2018 के बीच कुल 4,956 हादसे हुए जिनमें 718 लोगों की जान गई और 7,671 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। एक्सप्रेस वे लोगों के लिए काल बन चुका है। यहां ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब कोई गाड़ी दुर्घना का शिकार ना होती हो। ये भी पढ़े- यूपी में बड़ा हादसा तेज रफ्तार ट्रक पलटा, 3 लोगों की मौत

यमुना एक्सप्रेसवे भीषण हादसों का प्रतीक बन चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों का ग्राफ घटने की जगह तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। जो की चिंता का विषय है इस पर लगाम लगाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों के प्रभावी हस्तक्षेप की जरूरत है। आरटीआई कार्यकर्ता और सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.सी. जैन की ओर से मांगी गई जानकारी में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक्सप्रेसवे पर वीभत्स हादसों के कारण 718 जानें गईं, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या 7,671 भी समान रूप से चिंताजनक है।

हादसो की वजह

यमुना एक्‍सप्रेस वे पर हादसों की सबसे बड़ी वजहों में ओवर स्‍पीड (30%)

दूसरी वजह टायर का अचानक फटना (25%)

तीसरी वजह ओवर टेकिंग (15%)

चौथी वजह नींद का आना (10)

पांचवीं वजह बीच रास्‍ते में खड़े वाहन (5%) होते हैं।

आपको बता दें कि यमुना एक्‍सप्रेस वे करीब 165 किमी लंबा है। यह देश का सबसे लंबा छह लेन का एक्‍सप्रेस वे है। इसके बनने की शुरुआत दिसंबर 2007 में तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री मायावती ने की थी। 9 अगस्‍त 2012 को यूपी के तत्‍कालीन सीएम अखिलेश यादव ने इसे जनता को बड़ी उम्‍मीदों के साथ सौंपा था। जो जनता का ही काल बनता जा रहा है। ग्रेटर नोयडा से शुरू होकर ये एक्‍सप्रेस वे आगरा तक जाता है। इस एक्‍सप्रेस वे के बन जाने से आगरा की दूरी बेहद कम हो गई है। ये भी पढ़े- यूपी के देवरिया में भयानक हादसा..ट्रक में घुसी कार 6 लोगों की मौत

https://youtu.be/bu1kwmATxSc?t=5

 

 

 

 

 

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