उत्तर प्रदेश के उरई से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। करीब 26 मिनट का यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें डायल-112 पर तैनात एक पुलिसकर्मी को ठीक से खड़ा न हो पाने, लड़खड़ाने और टॉर्च को पानी की बोतल समझकर पीने की कोशिश करते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठाने लगे कि क्या डायल-112 का सिपाही ड्यूटी के दौरान नशे में था। कई यूजर्स ने इसे यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया। कुछ लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए तो कुछ ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर दी। वीडियो के सामने आते ही यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और देखते ही देखते पूरे प्रदेश में वायरल हो गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह वीडियो सच्चाई का सिर्फ एक हिस्सा है और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला उरई के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बबीना से जुड़ा हुआ है। गांव में रहने वाले रविकांत और शशिकांत, जो सगे भाई हैं, उनके बीच लंबे समय से पारिवारिक बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। झगड़े के दौरान बड़े भाई रविकांत ने छोटे भाई शशिकांत के साथ हाथापाई की। हालात बिगड़ते देख शशिकांत ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी वाहन से पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद भी स्थिति शांत होने के बजाय और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। बताया जा रहा है कि रविकांत उस समय शराब के नशे में था और पुलिस से भी उलझने लगा। इसी दौरान पुलिस और रविकांत के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।
मारपीट, वीडियो रिकॉर्डिंग और आरोप-प्रत्यारोप
घटना के दौरान माहौल इतना बिगड़ गया कि पुलिसकर्मियों और रविकांत के बीच हाथापाई होने लगी। इसी बीच रविकांत की पत्नी प्रियंका ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके साथ भी गाली-गलौज की। बाद में पुलिस ने रविकांत का शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। प्रियंका द्वारा बनाया गया वीडियो बाद में इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में एक सिपाही को लड़खड़ाते हुए, जमीन पर बैठते हुए और सहकर्मी द्वारा संभालते हुए देखा जा सकता है। यही दृश्य देखकर लोगों को लगा कि सिपाही नशे की हालत में है। वीडियो में दिख रहा है कि सिपाही टॉर्च को पानी समझकर मुंह की ओर ले जाता है, जिससे यह भ्रम और गहरा हो गया। हालांकि, वीडियो में इससे पहले और बाद की घटनाएं नहीं दिखाई गई हैं, जिससे पूरा मामला और भी उलझ गया।
पुलिस का दावा—नशे में नहीं, मारपीट से आया चक्कर
वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी साझा की है। उनके अनुसार डायल-112 पर सूचना दी गई थी कि रविकांत अत्यधिक शराब के नशे में है और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज व मारपीट कर रहा है। सूचना के आधार पर पीआरवी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान रविकांत ने पुलिस से ही मारपीट शुरू कर दी। हाथापाई के दौरान हेड कांस्टेबल अरविंद, जो टॉर्च पकड़े हुए थे, उनसे टकराव हो गया और उनके चेहरे पर घूंसा लग गया। अचानक चोट लगने से उन्हें चक्कर आ गया, जिससे वह लड़खड़ाने लगे। साथी आरक्षी और परिवार की महिलाओं ने उन्हें सहारा दिया। पुलिस के मुताबिक, हेड कांस्टेबल ने टॉर्च का इशारा करते हुए पानी मांगा था, जिसे वीडियो में गलत तरीके से दिखाया गया। शशिकांत ने उन्हें पानी भी दिया। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो अधूरा है और जानबूझकर इस तरह से फैलाया गया, जिससे सिपाही को नशे में दिखाया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
