पहले चरण में क्या-क्या खास होगा
इस एयरपोर्ट के पहले चरण में एक आधुनिक रनवे और अत्याधुनिक टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी सालाना क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। साथ ही, कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन भी किया जाएगा और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सुविधा की नींव रखी जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विमानन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। इस चरण में निजी कंपनी ने 6,876 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण पर 4,406 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
यूपी बनने जा रहा देश का पहला ऐसा राज्य
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहा है। यह देश का पहला राज्य बन जाएगा जिसके पास पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। इससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए यह एयरपोर्ट गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सीएम योगी ने बताया ‘विकास का रनवे’
उद्घाटन से पहले योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के विकास का ‘रनवे’ बताया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट युवाओं के सपनों को उड़ान देगा और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमन ने भी इसे ‘स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य’ का अनूठा मिश्रण बताया। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर पैदा करेगी और यूपी को देश के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में शामिल करेगी।
