उत्तर प्रदेश के जौनपुर में UP Board परीक्षा के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सरकार की सख्त हिदायतों के बीच UP Board की उत्तर पुस्तिकाएं लखनऊ-बलिया नेशनल हाईवे किनारे लावारिश हालत में पड़ी मिलीं। मामला उस समय उजागर हुआ जब कुछ लोगों ने सड़क किनारे रखे कॉपियों के बंडल की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। जानकारी के अनुसार, प्रथम पाली में हाईस्कूल का सामाजिक विज्ञान का पेपर संपन्न हुआ था। परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियों को सील कर संकलन केंद्र भेजा जाना था, लेकिन तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कॉपियों के गट्ठर हाईवे की सफेद पट्टी के पास खुले में रखे हुए थे। इस घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि अभिभावकों और छात्रों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।
CCTV फुटेज में दिखी पूरी घटना
मामले की जांच के दौरान सामने आया कि शाहगंज तहसील के एक परीक्षा केंद्र से उत्तर पुस्तिकाएं बाइक पर ले जाई गईं। सरपतहां मोड़ के पास हाईवे किनारे दोपहर 1 बजकर 7 मिनट पर कॉपियां उतारी गईं और करीब 1 बजकर 27 मिनट तक वहीं पड़ी रहीं। इस दौरान न तो वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद था और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिखाई दिए। बाद में एक चार पहिया वाहन आया और कॉपियों को लेकर संकलन केंद्र की ओर रवाना हुआ। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिससे सच्चाई सामने आ गई। नियमों के अनुसार UP Board परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं पुलिस अभिरक्षा में बंद चार पहिया वाहन से ही ले जाई जानी चाहिए, लेकिन यहां बच्चों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री को लापरवाही से सड़क किनारे छोड़ दिया गया। यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि इस दौरान कॉपियों के साथ छेड़छाड़ हो जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती।
केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई
घटना के वायरल होते ही जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि जिस वाहन से उत्तर पुस्तिकाएं ले जाई जा रही थीं, वह रास्ते में खराब हो गया था। कॉपियों को दूसरे वाहन में स्थानांतरित करने के दौरान अस्थायी रूप से सड़क किनारे रखा गया था और उसी समय किसी ने फोटो खींच ली। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति थोड़ी देर के लिए शौचालय गया था। हालांकि, इस सफाई के बावजूद प्रशासन ने लापरवाही मानते हुए केंद्र व्यवस्थापक डॉ. अजय प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उनकी जगह दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी। शिक्षा विभाग का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि परीक्षा प्रक्रिया में जरा सी भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सख्त निर्देश जारी, दोबारा गलती पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
मामला सामने आने के बाद जौनपुर के DIOS ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल को सील कर पुलिस सुरक्षा में बंद वाहन से सीधे संकलन केंद्र तक पहुंचाया जाए। किसी भी परिस्थिति में नियमों की अनदेखी नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया और CCTV निगरानी के कारण अब छोटी से छोटी चूक भी छिप नहीं सकती। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि UP Board परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में जिम्मेदारी और पारदर्शिता सबसे जरूरी है। प्रशासन की ओर से भले ही सफाई दी जा रही हो, लेकिन हाईवे किनारे पड़ी कॉपियों की तस्वीरों ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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