उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक नाबालिग की मौत ने अचानक नया मोड़ ले लिया है। पहले इस घटना को सामान्य मानते हुए शव को दफना दिया गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद परिवार को मौत पर शक हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत स्वाभाविक नहीं है। इसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र को खोदकर शव को बाहर निकाला गया। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल बेहद संवेदनशील हो गया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृत बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके साथ गलत घटना हुई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। उनका कहना है कि अगर शुरुआत में ही सही जांच होती, तो शायद मामला यहीं तक नहीं पहुंचता। इस पूरे मामले ने गांव में लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि बिना पूरी जांच के शव को दफनाना बड़ी लापरवाही थी। अब गांव में हर कोई इस बात को जानना चाहता है कि आखिर बच्ची के साथ क्या हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा सच
कब्र से शव निकालने के बाद अब उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जो इस मामले की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है। डॉक्टरों की टीम बारीकी से जांच कर रही है ताकि मौत के असली कारण का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह मामला प्राकृतिक मौत का है या फिर किसी अपराध से जुड़ा हुआ है। फिलहाल जांच तेज कर दी गई है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया है कि अगर किसी की गलती सामने आती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले का सच सामने ला सकती है।
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