उत्तर प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत शिक्षक के खिलाफ तब मुकदमा दर्ज कर लिया गया जब उन्होंने कथित रूप से छात्रों को एक ऐसा गीत सुनाया, जिसकी पंक्तियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली मानी जा रही हैं। गीत में कहा गया था – “तुम कांवड़ लेने मत जाना… ज्ञान का दीप जलाना…”। इस पंक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन व शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। देखते ही देखते मामला थाने पहुंचा और शिक्षक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर दी गई।
शिक्षक की सफाई: ‘न इरादा था, न भावना’
मामले में शिक्षक ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद किसी धर्म का अपमान करना नहीं था। उन्होंने दावा किया कि गीत का आशय केवल शिक्षा की महत्ता को उजागर करना था, न कि किसी धार्मिक परंपरा का विरोध। “मैंने गीत केवल प्रेरणा देने के लिए चलाया था। मेरा इरादा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था,” शिक्षक ने बयान में कहा। हालांकि, इस सफाई के बावजूद कई संगठन और लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और शिक्षक को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है।
सियासत गरम, जांच तेज
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूलों में धार्मिक मामलों को लेकर ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। बीजेपी से जुड़े संगठनों ने इसे ‘हिंदू भावनाओं का अपमान’ बताया और कड़ी निंदा की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। यदि जांच में शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाएगा।
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