मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखर की मौत को लेकर चल रही अटकलों के बीच पुलिस ने बड़ा बयान दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shlok Kumar के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला हत्या या गोतस्करी से जुड़ा नहीं बल्कि एक सड़क हादसा प्रतीत हो रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना के समय हालात बेहद खराब थे और घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे विजिबिलिटी बहुत कम थी। इसी वजह से यह दुर्घटना हुई, जिसमें बाबा की जान चली गई। इस बयान के बाद पूरे मामले की दिशा बदलती नजर आ रही है।
कैसे हुआ हादसा? मिनटों में हुई दर्दनाक घटना
पुलिस के मुताबिक, यह घटना रात करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। बताया गया कि फरसा वाले बाबा ने नागालैंड नंबर के एक कंटेनर को शक के आधार पर रोक लिया था। उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सामने आया कि कंटेनर में साबुन, सर्फ और किराने का सामान था, जबकि ट्रक में तार (वायर) लदे थे। यानी अब तक की जांच में गोतस्करी से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है।
ADG का बयान—‘हत्या का कोई एंगल नहीं’
इस मामले पर Amitabh Yash (एडीजी लॉ एंड ऑर्डर) ने भी साफ किया है कि अभी तक की जांच में हत्या जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना एक दुर्घटना लगती है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है और फिलहाल पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है। परिचालक से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके।
हाईवे जाम और पथराव, अब होगी सख्त कार्रवाई
घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था। बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और Delhi-Agra Highway पर जाम लगा दिया गया। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। पुलिस ने किसी तरह हालात को संभाला और जाम खुलवाया। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जो लोग पथराव और हंगामे में शामिल थे, उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच Yogi Adityanath ने भी घटना का संज्ञान लिया है और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही अधिकारियों को जांच तेज करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
