मुरादाबाद पुलिस ने एक लंबे समय से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर नरेश को गिरफ्तार किया। नरेश पिछले 20 सालों से पुलिस को चकमा देता रहा और अलग-अलग पहचान बनाकर फरारी काटता रहा। जांच में पता चला कि वह अपने आपको मुस्लिम नाम ‘सुल्तान’ के रूप में पेश करता था। इससे न केवल वह स्थानीय पुलिस की नजरों से बचा रहता था, बल्कि लोगों के बीच भी पहचान बदलकर रहना आसान हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नरेश ने कई जिलों में इस छल का इस्तेमाल किया और अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा।
फरारी के साल और अपराध की कहानी
नरेश के खिलाफ कई मामलों में मुकदमे दर्ज थे। वह हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में नामजद था। उसके खिलाफ वारंट और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन लगातार अपनी पहचान बदलने के चलते वह पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि नरेश ने अलग-अलग राज्यों में कई बार रहने के लिए नकली दस्तावेज बनवाए और स्थानीय लोगों के बीच अपनी Muslim पहचान के साथ रहकर पुलिस की जांच को चकमा दिया। उसकी यह चालाकी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।
गिरफ्तारी और पुलिस की सफलता
मुरादाबाद पुलिस ने हाल ही में इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर नरेश की लोकेशन ट्रेस की। विशेष टीम ने उसे घेरकर गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि नरेश के पास कई नकली पहचान पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज पाए गए। गिरफ्तारी के दौरान नरेश ने यह स्वीकार किया कि उसने ‘सुल्तान’ की पहचान अपनाकर पुलिस को लगातार चकमा दिया और अपराध करता रहा। पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
समाज और सुरक्षा के लिए संदेश
इस गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि चाहे कोई कितनी भी चालाकी क्यों न अपनाए, कानून की पकड़ अंततः उसे पकड़ ही लेती है। मुरादाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, समाज में ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की पहचान करना और स्थानीय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। नरेश की गिरफ्तारी से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता की मिसाल कायम हुई है।
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