बाराबंकी के सफेदाबाद क्षेत्र में बुधवार शाम 5:30 बजे अचानक LPG टैंकर में रिसाव होने से इलाके में दहशत फैल गई। इंडियन ऑयल का टैंकर लखनऊ से अयोध्या की ओर जा रहा था, जिसमें करीब 18 टन एलपीजी भरी थी। टैंकर के एक वाल्व से गैस तेजी से बाहर निकलने लगी। चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया, लेकिन घबराहट में वह मौके से भाग गया। देखते ही देखते आसपास के लोग और वाहन चालक अफरातफरी में हाईवे छोड़कर भागने लगे। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। हाईवे को लगभग 500-500 मीटर पहले दोनों ओर से सील कर दिया गया। इसके कारण लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई, जिससे क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरती गई। पुलिस ने माइक के जरिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी और आग या सिगरेट जैसी किसी भी ज्वलनशील वस्तु के इस्तेमाल से मना किया।
दमकल और राहत कार्य में जुटी टीम
घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ और बाराबंकी से कुल 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीम ने तुरंत रिसाव को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की, लेकिन LPG गैस हवा में फैल रही थी, जिससे खतरे का स्तर बढ़ गया। पुलिस और दमकल ने लोगों को पास के सुरक्षित मार्गों से डायवर्ट किया। बीबीडी के अतिरिक्त निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि इंदिरा नहर के पास से किसान पथ का उपयोग करके वाहनों को अलग रास्तों से भेजा गया। देवा रोड समेत कई अन्य मार्गों पर भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। हालांकि जाम को पूरी तरह खत्म करने में देर रात तक भी मुश्किलें बनी रहीं। कई एंबुलेंस और जरूरी वाहन जाम में फंस गए। राहत और सुरक्षा कार्य लगातार जारी रहा। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी वाहन या व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा न हो।
विशेषज्ञ टीम ने भी नहीं पाया तुरंत काबू
रिसाव बढ़ने पर बंथरा स्थित गैस प्लांट से विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया। टीम ने रिसाव को रोकने के लिए विभिन्न उपाय किए, लेकिन देर रात तक गैस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। गैस रिसाव के कारण क्षेत्र में लगातार सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया। आसपास के लोगों से अनुरोध किया गया कि वे घरों के अंदर रहें और किसी भी तरह की आग या चिंगारी से बचें। LPG जैसी गैस का रिसाव हवा में फैलकर बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक था। प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और राहत कार्य लगातार जारी रहा।
हाईवे खुलने में देर, लोगों में तनाव
रिसाव की घटना के कारण लोगों में भारी तनाव देखा गया। हाईवे बंद होने से यात्रियों और ट्रक चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ लोगों को वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया। प्रशासन ने दावा किया कि जैसे ही गैस रिसाव पर काबू पाया जाएगा, हाईवे को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इस घटना ने यह संदेश दिया कि सड़क पर भारी वाहन और रासायनिक पदार्थ ले जाने वाले टैंकरों के लिए सुरक्षा उपाय अत्यंत आवश्यक हैं। प्रशासन और विशेषज्ञों के सतर्क कदमों के कारण बड़ी दुर्घटना टली, लेकिन इलाके में अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
