उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सामाजिक ताने-बाने और घरेलू रिश्तों की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर कहा जाता है कि मियां-बीवी के बीच छोटी-मोटी नोकझोंक घर की रौनक होती है, लेकिन यहाँ एक ‘खाली LPG गैस सिलेंडर’ घर उजड़ने की वजह बन गया। जानकारी के मुताबिक, घर में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस खत्म थी, जिसकी वजह से चूल्हा जलना बंद हो गया था। पत्नी बार-बार पति से मिन्नतें कर रही थी कि गैस सिलेंडर रिफिल करवा ले ताकि 5 महीने के छोटे बच्चे और परिवार के लिए समय पर खाना बन सके। लेकिन पति ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए या लापरवाही के चलते LPG सिलेंडर भरवाने से साफ इनकार कर दिया। यह बहस इतनी तीखी हो गई कि घर की चारदीवारी के भीतर शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस थाने की चौखट तक पहुँच गया है।
मासूम के साथ लापता हुई मां
विवाद के बाद जब पति बेफिक्र होकर सो गया, तब पत्नी ने अपनी नाराजगी को एक ऐसे फैसले में बदल दिया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। गुस्से और दुख में डूबी महिला ने आधी रात को अपना बैग उठाया और अपने महज 5 महीने के मासूम बच्चे को गोद में लेकर चुपचाप घर की दहलीज लांघ गई। सुबह जब पति की नींद खुली और उसने देखा कि बिस्तर खाली है, तो उसके होश उड़ गए। घर के कोने-कोने में तलाश करने के बाद जब पत्नी और बच्चे का कहीं पता नहीं चला, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बाराबंकी के इस ग्रामीण अंचल में अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वाकई एक अदद LPG गैस सिलेंडर की कीमत एक परिवार के टूटने से ज्यादा थी? लोग हैरान हैं कि एक मां अपने इतने छोटे बच्चे को लेकर इस असुरक्षित दुनिया में कहाँ निकल गई होगी।
पुलिस के पास पहुंचा पूरा परिवार
अब हताश और परेशान पति पुलिस के पास न्याय और अपनी पत्नी-बच्चे की सलामती की गुहार लेकर चक्कर काट रहा है। उसने बाराबंकी के स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है और फूट-फूटकर अपनी गलती का पछतावा कर रहा है। पति का कहना है कि उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि सिलेंडर न भरवाने जैसी छोटी सी बात इतना बड़ा रूप ले लेगी और उसका घर बिखर जाएगा। वहीं, महिला के मायके पक्ष ने भी दामाद पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए महिला की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस की टीमें आसपास के गांवों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर महिला की फोटो के साथ पूछताछ कर रही हैं ताकि किसी अनहोनी से पहले उन्हें ढूंढा जा सके।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
यह घटना केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि यह वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव और रिश्तों में घटते धैर्य का एक जीता-जागता उदाहरण है। समाजशास्त्री मानते हैं कि बढ़ती महंगाई और बुनियादी जरूरतों (जैसे LPG रसोई गैस) को पूरा न कर पाना मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों में चिड़चिड़ेपन की वजह बन रहा है। बाराबंकी की इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग महिला के इस कदम को जल्दबाजी बता रहे हैं, तो कुछ पति की गैर-जिम्मेदारी को कोस रहे हैं। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह 5 महीने का मासूम इस ठंड और असुरक्षित माहौल में अपनी मां के साथ कहाँ होगा? पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मां-बच्चे को सुरक्षित वापस लाया जा सकेगा।
