उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक युवती को सरेआम सड़क से अगवा कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, युवती अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी घात लगाकर बैठे दबंगों ने उसे जबरन रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवक अपने कुछ साथियों के साथ आया था और पीड़ित युवती को जबरदस्ती वाहन में बैठाकर फरार हो गया। इस अचानक हुए हमले से युवती पूरी तरह सहम गई और शोर मचाने के बावजूद दबंग उसे ले जाने में कामयाब रहे। यह घटना सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में आग की तरह फैल गई है, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है।
बंदूक की नोक पर ‘जबरन निकाह’ का खेल
अगवा करने के बाद आरोपियों ने जो किया, वह और भी अधिक विचलित करने वाला है। युवती को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जहाँ उसकी मर्जी के खिलाफ उससे जबरन निकाह करने और मांग भरने की कोशिश की गई। पुलिस के पास पहुंची शिकायतों के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और डरा-धमकाकर वैवाहिक रस्में पूरी करने का नाटक किया। यह मामला केवल प्रेम प्रसंग का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर महिला की गरिमा और उसकी स्वतंत्रता पर प्रहार है। आरोपी का मकसद युवती पर अपना हक जताना और उसे मानसिक रूप से तोड़ना था। इस खौफनाक मंजर के दौरान पीड़िता खुद को बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन दरिंदगी की हदें पार कर चुके आरोपियों ने उसकी एक न सुनी।
पुलिस की मुस्तैदी और आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही संत कबीर नगर पुलिस हरकत में आ गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम गठित की गई है जो आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित युवती को बरामद करने और उसे चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और समाज में भय पैदा करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक असुरक्षा और न्याय की पुकार
इस वारदात ने पूरे जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अपराधी इतने बेखौफ हो जाएंगे कि दिनदहाड़े किसी लड़की को उठाकर ले जाएं, तो बेटियां घर से बाहर कैसे निकलेंगी? महिला संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की है और मांग की है कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर आरोपियों को ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने। फिलहाल, पीड़िता के परिजन न्याय की उम्मीद में पुलिस की ओर देख रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि केवल कानून बना देना काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ होना भी बेहद जरूरी है।
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