Hardoi News: अदालत की तरफ से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को फांसी दी जाती है। लेकिन यूपी की एक ऐसी जेल है जहां पर किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी जाती है। आज तक का इतिहास है कि इस जेल में कभी भी किसी कैदी को फांसी की सजा नहीं दी गई है। इसके पीछे की एक बहुत ही हैरान कर देने वाली वजह है। यह जेल उत्तर प्रदेश की हरदोई में है जहां पर किसी भी कैदी को फांसी नहीं दी जाती है। इसके पीछे सालों पुरानी एक कहानी है।
हरदोई के बाबा की वजह से नहीं दी जाती फांसी
हम बात कर रहे हैं शहर में बने हरदोई बाबा मंदिर की। हरदोई में यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है यहां दूर-दूर के लोग बाबा के दर्शन करने के लिए आते हैं।यहां की एक विशेष मान्यता यह है कि इस मंदिर के हरदोई जनपद में होने के चलते यहां पर किसी भी कैदी को फांसी की सजा नहीं दी जाती है।हरदोई जिला कारागार में कैदियों को रखने की क्षमता लगभग 1400 के आसपास है। 400 साल से हरदोई में किसी को भी फांसी की सजा नहीं दी गई है। दावा किया जाता है कि हरदोई जेल में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान जेल के कैदियों को फांसी की सजा सुनाई जाती थी। एक बार अंग्रेजी हुकूमत में एक निर्दोष को फांसी की सजा सुनाई थी। जिससे परेशान होकर वह हरदोई बाबा मंदिर पहुंचा था।हरदोई बाबा ने उसको आश्वस्त करते हुए कहा थी कि तुम्हें फांसी नहीं होगी।
हरदोई बाबा ने पलट दिया था फांसी वाला तख्ता
हरदोई बाबा ने शासन के जेलर को भी कहा था। लेकिन, न्यायालय के आदेश और अंग्रेजी शासन होने के चलते जेलर ने हरदोई बाबा की बात नहीं मानी और उस शख्स को ले जाकर हरदोई जिला कारागार के फांसी के तख़्त पर लटका दिया। लेकिन तभी तख्त पलट गया और वह शख्स बच गया। उसके बाद हरदोई बाबा जेलर के सपने में आए और हरदोई में फांसी न देने के लिए कहा।जेलर ने जिला कारागार में बना फांसी का तख़्ते को हटाकर फतेहगढ़ स्थापित कर दिया। अगर किसी भी दोषी को फांसी की सजा दी भी जाती है तो उसे फतेहगढ़ ले जाकर दी जाती है। तब से लेकर आज तक हरदोई जेल में किसी भी कैदी को फांसी की सजा नहीं दी गई है।
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