Basti News: 22 साल पुराने एक मामले में मंगलवार, 29 अप्रैल को बीजेपी के दो पूर्व विधायक समेत दो पूर्व ब्लॉक प्रमुख 6 लोग को जेल भेज दिया गया है। यह मामला 3 दिसंबर 2003 को हुए एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी अनिल कुमार द्वितीय के साथ हुई अभद्रता और मारपीट से जुड़ा है। कोर्ट ने संजय जायसवाल, आदित्य विक्रम सिंह, महेश सिंह, त्र्यंबक पाठक, अशोक सिंह और इरफान को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।
जाने क्या था पूरा मामला
दरअसल, 3 दिसंबर 2003 को विधान परिषद चुनाव के वोटों की काउंटिंग चल रही थी. इस दौरान सपा प्रत्याशी कांचना सिंह और उनके समर्थकों ने तत्कालीन डीएम अनिल कुमार द्वितीय पर चुनाव की मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए मतगणना स्थल पर डीएम से अभद्रता की थी। साथ ही एडीएम रहे श्रीश दुबे के साथ मारपीट करने का आरोप था। इस मामले में प्रशासन ने 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी सुनवाई लोवर कोर्ट में चल रही थी। 2003 में सपा एमएलसी प्रत्याशी कांचना सिंह की मुकदमे के दौरान पहले ही मौत हो चुकी है और उनके पति व पूर्व विधायक आदित्य विक्रम सिंह पैरालिसिस की वजह से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं।
दो दशक पुराना था मामला
यह मामला दो दशक से अधिक समय तक चला और आखिरकार न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। वहीं कोर्ट ने सजा सुनाए गए सभी छह लोगों को हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील करने की अनुमति दी है।
