Friday, February 6, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकिसने पोस्ट की डिंपल यादव और उनकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें? कानपुर...

किसने पोस्ट की डिंपल यादव और उनकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें? कानपुर साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

मैनपुरी सांसद डिंपल यादव और उनकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कानपुर साइबर थाने में FIR दर्ज। अधिवक्ता की शिकायत, निजता उल्लंघन और जांच की पूरी जानकारी पढ़ें।

-

उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया की भूमिका और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैनपुरी से सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव और उनकी नाबालिग बेटी की कथित आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद कानपुर में साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज की गई है। यह मामला सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई। कानपुर के एक अधिवक्ता ने इस पूरे प्रकरण को महिलाओं की गरिमा और निजता से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही सामग्री की तकनीकी पड़ताल की जा रही है।

बताया जा रहा है कि जैसे ही यह तस्वीरें सामने आईं, बड़ी संख्या में लोगों ने इसे निंदनीय बताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी। मामला इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील हो गया क्योंकि इसमें एक जनप्रतिनिधि और उनकी बेटी का नाम जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि तस्वीरें किसी अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड की गई थीं, जिसका उद्देश्य महिलाओं को अपमानित करना और उनकी निजी जिंदगी में दखल देना हो सकता है।

अधिवक्ता की शिकायत—निजता भंग और दुर्भावनापूर्ण इरादे का आरोप

इस पूरे मामले में कानपुर निवासी अधिवक्ता प्रवीन यादव ने साइबर क्राइम थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अपनी तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि इंटरनेट मीडिया पर एक आईडी के माध्यम से डिंपल यादव और उनकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें साझा की गईं। अधिवक्ता का कहना है कि यह तस्वीरें जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से पोस्ट की गई हैं, ताकि महिलाओं की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके और समाज में गलत संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ कानूनन अपराध हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद शर्मनाक हैं।

प्रवीन यादव के मुताबिक, तस्वीरों के सामने आने के बाद कई लोग मानसिक रूप से आहत हुए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाली महिलाओं को अक्सर इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी निजता को निशाना बनाया जाए। शिकायत में आईटी एक्ट और महिलाओं की गरिमा से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अधिवक्ता ने पुलिस से आग्रह किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

साइबर पुलिस की जांच

कानपुर साइबर क्राइम थाने के प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड की गई तस्वीरों के स्रोत, संबंधित अकाउंट्स और डिजिटल ट्रेल को ट्रैक कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्वीरें किसने अपलोड कीं, उनका उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तस्वीरों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ या एडिटिंग तो नहीं की गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधों में तकनीकी जांच बेहद अहम होती है और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सोशल मीडिया कंपनियों से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं की निजता से जुड़े मामलों में कानून काफी सख्त है और यदि आरोप सही पाए गए, तो दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जल्द ही कुछ अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर बहस

इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे महिलाओं के खिलाफ साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय महिलाओं को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल स्पेस में उनकी निजता से जोड़ते हुए सख्त कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है।

वहीं, आम लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता कितनी जरूरी है। फिलहाल, सभी की नजरें साइबर पुलिस की जांच पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि इस पूरे मामले के पीछे कौन है और कानून इस तरह के अपराधों से निपटने में कितना प्रभावी साबित होता है।

Read more-‘टीवी शो की तरह लाइव दिखी मादुरो की गिरफ्तारी!’—वेनेजुएला पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, दुनिया में मचा हड़कंप

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts