उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लखनऊ में बन रहे प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान यानी पीएम मित्र पार्क को लेकर एक अहम फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पार्क में पानी की आपूर्ति के लिए 458.5 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह पार्क लखनऊ और हरदोई की सीमा पर करीब एक हजार एकड़ जमीन में बनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि किसी भी बड़े उद्योग के लिए पानी सबसे जरूरी सुविधा होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि आने वाले समय में यहां लगने वाली फैक्ट्रियों को पानी की कोई परेशानी न हो। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस परियोजना पर काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।
458 करोड़ रुपये से क्या-क्या बनाया जाएगा
उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा मंजूर की गई इस रकम से पीएम मित्र पार्क में पानी की मजबूत और साफ व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके तहत 16 एमएलडी क्षमता का टरशरी ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिससे इस्तेमाल किए गए पानी को साफ करके दोबारा उपयोग में लाया जा सके। इसके अलावा गोमती नदी से पानी लेने और उसे साफ करके पार्क तक पहुंचाने के लिए 8.25 एमएलडी का इनटेक वेल, पंप हाउस और बड़ी पाइप लाइन बनाई जाएगी। साथ ही जमीन के अंदर मौजूद पानी यानी भूगर्भ जल के लिए 4.50 एमएलडी क्षमता के ट्यूबवेल और पंप हाउस भी बनाए जाएंगे। इन सभी कामों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को दी गई है, ताकि पार्क में लगातार और पर्याप्त पानी मिलता रहे।
एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से केंद्र सरकार की मदद से इस पीएम मित्र पार्क को विकसित किया जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि इस पार्क में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। अभी तक इनवेस्ट यूपी को पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इससे साफ है कि उद्योग जगत का भरोसा इस परियोजना पर बढ़ रहा है। जब यह पार्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो करीब एक लाख लोगों को रोजगार के मौके मिलेंगे। इसमें फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर, तकनीकी कर्मचारी और स्थानीय लोगों को सीधा फायदा होगा। यह पार्क लखनऊ के साथ-साथ आसपास के जिलों के युवाओं के लिए भी रोजगार का बड़ा जरिया बनेगा।
बिजली, सड़क और पानी सब कुछ एक जगह
पीएम मित्र पार्क को आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को प्लग एंड प्ले सुविधा दी जाएगी, यानी फैक्ट्री लगाने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद होंगी। सरकार यहां 132 केवी का बिजली केंद्र, औद्योगिक जलापूर्ति, पीने का पानी, चौड़ी सड़कें, सीवेज व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं खुद उपलब्ध कराएगी। वहीं पार्क के अंदर की फैक्ट्रियों और अन्य ढांचों का विकास निजी निवेशकों द्वारा किया जाएगा। सरकार का मकसद है कि निवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे आसानी से अपना काम शुरू कर सकें। 458 करोड़ रुपये की यह जलापूर्ति योजना इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम मानी जा रही है।
