उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक बार फिर तेज रफ्तार ने बड़ा हादसा कर दिया। यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से बिहार जा रही एक डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। यह दुर्घटना नौहझील थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 76 के पास हुई। बस में करीब 100 यात्री सवार थे, जिनमें से लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में तेज गति और ड्राइवर का नियंत्रण खोना इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
राहत-बचाव में तेजी, लेकिन सवाल बरकरार
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायलों को इलाज के लिए भेजा और ट्रैफिक को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, बस की रफ्तार काफी अधिक थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से यह पलट गई। यात्रियों ने भी बताया कि बस तेज गति से चल रही थी, जिससे कई लोग पहले से ही डरे हुए थे। इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन होने वाले ऐसे हादसे इस बात का संकेत हैं कि नियमों का पालन ठीक से नहीं हो रहा है।
दो दिन पहले ही नाव हादसे ने मचाया था हड़कंप
बस हादसे से पहले मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना भी सामने आई थी। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह हादसा वृंदावन क्षेत्र में उस समय हुआ जब श्रद्धालु नौकाविहार के लिए नदी में गए थे। शुक्रवार को नाव पलटने से 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाद में तीन और शव बरामद किए गए। राहत की बात यह रही कि 22 लोगों को समय रहते बचा लिया गया। प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
लापरवाही ने छीनी जानें, जांच की मांग तेज
नाव हादसे में सामने आया कि नाविक तेज गति से नाव चला रहा था और यात्रियों के बार-बार मना करने के बावजूद उसने स्पीड कम नहीं की। इसी लापरवाही ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। श्रद्धालु पंजाब के जगराओं से आए थे और धार्मिक यात्रा पर थे। दोनों घटनाओं ने मथुरा में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सड़क पर तेज रफ्तार जानलेवा बन रही है, तो दूसरी तरफ नदी में नियमों की अनदेखी लोगों की जान ले रही है। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई और कड़े नियमों के पालन की, ताकि ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके।
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