UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने एक मकान पर छापा मारकर कथित देह व्यापार रैकेट का खुलासा किया। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि शहर के एक रिहायशी इलाके में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। कुछ दिनों तक निगरानी रखने के बाद जब पुख्ता जानकारी मिली, तो टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जैसे ही पुलिस मकान के अंदर दाखिल होने वाली थी, बरामदे से एक महिला की तेज आवाज गूंजी—“भागो, पुलिस आ गई!” इसके बाद अंदर मौजूद कुछ पुरुष इधर-उधर भागने लगे। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर कई लोगों को मौके से पकड़ लिया। इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग बाहर इकट्ठा हो गए।
आपत्तिजनक हालात में मिले लोग, जांच में जुटी पुलिस
छापेमारी के दौरान पुलिस को कमरे के अंदर कुछ पुरुष और महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में मिले। अधिकारियों के मुताबिक, मौके से मोबाइल फोन, रजिस्टर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह गतिविधि पिछले कुछ समय से चल रही थी और बाहरी जिलों से भी लोगों का आना-जाना था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क के तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं या यह स्थानीय स्तर पर संचालित किया जा रहा था। हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में मानव तस्करी या जबरन देह व्यापार के सबूत मिलते हैं तो संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का गुस्सा, लंबे समय से था शक
इलाके के निवासियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से उस घर पर संदेह था। कई लोगों ने बताया कि रात के समय अजनबी व्यक्तियों का आना-जाना लगा रहता था और अक्सर घर के बाहर गाड़ियां खड़ी दिखती थीं। हालांकि किसी ने खुलकर शिकायत नहीं की, लेकिन अंदर ही अंदर लोग परेशान थे। छापेमारी के बाद जब मामला खुला तो स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों में ऐसी गतिविधियां न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि सामाजिक माहौल को भी खराब करती हैं। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने का भी आश्वासन दिया गया है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और सख्त कार्रवाई के संकेत
पुलिस ने सभी संदिग्धों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मेडिकल परीक्षण सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति या मकान मालिक की मिलीभगत थी। यदि किसी प्रकार की साजिश या संगठित अपराध का प्रमाण मिलता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन महिलाओं को हिरासत में लिया गया है, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस जल्द ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की बात कह रही है।
