बरेली में आला हजरत खानदान से जुड़ी बहू और सामाजिक कार्यकर्ता निदा खान ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात एक अज्ञात युवक उनके घर में घुस आया और उन पर चाकू से जानलेवा हमला करने की कोशिश की। निदा के मुताबिक युवक ने काले कपड़े पहन रखे थे और कंधे पर एक बैग लटका था। वह घर का मुख्य गेट पार कर सीधे पहली मंजिल तक पहुंच गया। आरोप है कि युवक ने बैग से चाकू निकालकर जैसे ही उन पर वार करने की कोशिश की, घर वालों के शोर मचाने पर वह धमकाता हुआ फरार हो गया।
निदा खान ने बारादरी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए इस हमले की जिम्मेदारी अपने पति शीरान रजा और मौलाना तौकीर रजा से जुड़े लोगों पर डाली है। उनका दावा है कि पूरा मामला सिर्फ एक हमला नहीं बल्कि लंबे समय से मिल रही धमकियों की कड़ी है। निदा के अनुसार, कई महीनों से अनजान नंबरों से उन्हें डराया जा रहा था, उनकी गाड़ी का पीछा किया जा रहा था और सोशल मीडिया पर भी लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी। अब जब उनके घर में घुसकर हमला किया गया, तो परिवार में दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि घर में लगे सभी CCTV कैमरों में ये घटनाक्रम कैद हो गया है और फुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है।
निदा और उनके पति के बीच शादी से जुड़े विवाद और तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच उनके आरोपों ने बरेली में एक बार फिर राजनीतिक व धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है। खासकर इसलिए क्योंकि मौलाना तौकीर रजा इस समय बरेली हिंसा के आरोप में जेल में बंद हैं और कई बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे में निदा के आरोप पूरे शहर में नई बहस और सस्पेंस पैदा कर रहे हैं—क्या यह हमला सिर्फ धमकी थी या फिर किसी बड़ी साजिश की शुरुआत?
पहले भी मिल रही थीं धमकियां
निदा खान ने अपनी शिकायत में बताया कि यह हमला अचानक नहीं हुआ बल्कि कई महीनों से धमकियों और डराने-धमकाने की घटनाओं का सिलसिला चल रहा था। उनका कहना है कि उन्हें अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल और मैसेज कर धमकाया जाता रहा। कई बार उनकी गाड़ी का पीछा भी किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से तनाव में थीं। निदा का आरोप है कि यह सब उनके पति और ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों के इशारे पर किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि तलाक मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
निदा ने कहा कि उन्होंने इन धमकियों की जानकारी पहले भी पुलिस को दी थी, लेकिन ‘किसी बड़े नाम’ से जुड़े होने के कारण मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब उनके घर में घुसकर हमला करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इसे ‘सुसंगठित साजिश’ बताया है। CCTV फुटेज में एक युवक को घर में घुसते और कुछ देर बाद तेजी से बाहर भागते देखा गया है, जिसकी पहचान अभी पुलिस नहीं कर पाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन निदा चाहती हैं कि इसकी जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्पेशल टीम से कराई जाए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
मौलाना तौकीर रजा पहले से जेल में, क्या हमला उनके समर्थकों की करतूत?
मामला इसलिए और भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि आरोप मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबियों पर लगाए गए हैं, जो पहले से ही बरेली में हुए पोस्टर विवाद और हिंसा मामले में जेल में बंद हैं। तौकीर रजा का राजनीतिक प्रभाव और आला हजरत खानदान का नाम इस प्रकरण को और भी बड़ा बना देता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक CCTV फुटेज को फोरेंसिक टीम के हवाले किया गया है और मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स व आस-पास के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
निदा का यह भी कहना है कि उन पर हमले की कोशिश सिर्फ परिवारिक विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कट्टरपंथी समूह भी शामिल हो सकते हैं। उनका दावा है कि कुछ संगठन उनकी खुली सोच और सामाजिक गतिविधियों को पसंद नहीं करते, इसलिए उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। वहीं आरोपी पक्ष ने इन सभी आरोपों से दूरी बनाते हुए कहा कि यह सब ‘पब्लिसिटी स्टंट’ है। हालांकि पुलिस अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही और सभी एंगल से पड़ताल की जा रही है।
शहर में इस घटना के बाद माहौल गर्म है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक हाई-प्रोफाइल परिवार में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कोई युवक कैसे अंदर पहुंच गया? अगर CCTV फुटेज साफ है तो आरोपी की पहचान में देरी क्यों हो रही है? क्या यह हमला सच में जान लेने के लिए था या सिर्फ डराने का हथकंडा? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल मामला बरेली की सबसे चर्चा में रहने वाली घटनाओं में शामिल हो चुका है और पूरे शहर में इस हमले को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
