किसानों के मुआवजे पर बड़ा ऐलान
रैली में सबसे बड़ा मुद्दा किसानों का रहा। अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो विकास कार्यों के लिए ली जाने वाली जमीन का मुआवजा किसानों को बाजार दर पर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है और उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के समय किसानों को बेहतर मुआवजा मिलता था, जबकि अब यह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।
रोजगार, एयरपोर्ट और विकास पर सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार के विकास दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई एयरपोर्ट शुरू किए गए, लेकिन कुछ बंद भी हो गए, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही उन्होंने बड़े-बड़े निवेश समझौतों (MOU) का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों के वादे किए गए, लेकिन जमीन पर कुछ नजर नहीं आया और युवाओं को रोजगार नहीं मिल सका। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बनने पर युवाओं को नौकरी देने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
संविधान और राजनीति पर तीखी टिप्पणी
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में अखिलेश यादव ने संविधान और लोकतंत्र को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक बीजेपी सत्ता में है, तब तक संविधान को खतरा बना रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर ऐसी विचारधारा के खिलाफ खड़े हों जो समाज को बांटने का काम करती है। साथ ही उन्होंने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे को उठाते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को जारी रखने की बात कही।
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