उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खंदौली क्षेत्र के एक गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब किशोर-किशोरियों के कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। बताया जा रहा है कि ऐसे वीडियो की संख्या 48 तक पहुंच गई, जिससे पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल बन गया। जैसे ही मामला सामने आया, प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गए। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने।
पुलिस ने दो किशोरों को लिया हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे दो किशोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे किशोर और किशोरियां एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये वीडियो किसने रिकॉर्ड किए और किन परिस्थितियों में बनाए गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन्हें सोशल मीडिया तक किसने पहुंचाया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है या नहीं।
वायरल होने के पीछे की कड़ी तलाश में जांच
पुलिस का फोकस अब इस बात पर है कि इतने बड़े स्तर पर वीडियो कैसे वायरल हुए। तकनीकी टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मोबाइल डिवाइस की मदद से डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच भी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या एडिटेड सामग्री को अलग किया जा सके। इस मामले में साइबर एंगल को भी गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि बिना किसी नेटवर्क के इतने वीडियो का फैलना संभव नहीं माना जा रहा।
पुलिस की अपील और गांव में शांति बनाए रखने की कोशिश
आगरा पुलिस ने लोगों से खास अपील की है कि चूंकि इस मामले में शामिल सभी किशोर-किशोरियां नाबालिग हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति इन वीडियो को शेयर या फॉरवर्ड न करे। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे पीड़ितों की निजता पर भी असर पड़ता है। खंदौली थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है।
