Mathura Boat Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित Vrindavan में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता हैं। हादसा उस समय हुआ जब पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालु यमुना में नौका विहार कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों के सफर को मातम में बदल दिया और घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
कैसे पलटी नाव? लापरवाही बनी मौत की वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि Mathura Boat Accident प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का नतीजा था। बताया जा रहा है कि श्रद्धालु नाव से श्रृंगार घाट से देवराहा बाबा आश्रम जा रहे थे, तभी पैंटून पुल को जेसीबी से खिंचने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान नाव पुल से टकरा गई और यमुना नदी में पलट गई। Yamuna River में तेज बहाव के कारण कई लोग तुरंत डूब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चेतावनी देने के बावजूद ठेकेदार और नाविक ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई एजेंसियां जुटीं
Mathura Boat Accident के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 8, 5 और 3 टीमों के साथ NDRF, SDRF और फ्लड PAC लगातार सर्च ऑपरेशन में लगी हुई हैं। अब तक 8 घायलों का इलाज चल रहा है और 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं 5 श्रद्धालुओं की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। इस दर्दनाक हादसे ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ठेकेदार और नाविक गिरफ्तार, जांच तेज
इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठेकेदार और नाविक पर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और सुरक्षा उपकरणों की कोई व्यवस्था नहीं थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासन जिम्मेदारी तय करने में जुटा है।
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