Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सोमवार देर रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद गली नंबर-3 स्थित एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय घर का मुखिया नमाज़ पढ़ने के लिए बाहर गया हुआ था। घर के अंदर महिला और बच्चे मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, घर के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। आधी रात को पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
कपड़ों के कारोबार वाले घर में रखा था ज्वलनशील सामान
जानकारी के मुताबिक जिस मकान में आग लगी, वहां कपड़ों का काम होता था। बड़ी मात्रा में कपड़े और सिलाई से जुड़ा सामान घर के अंदर रखा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से चिंगारी उठी और कपड़ों ने तुरंत आग पकड़ ली। चूंकि कपड़ा बेहद जल्दी आग पकड़ता है, इसलिए लपटें कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गईं। आग लगने की भनक लगते ही स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाल लिया। कुछ लोगों ने छत के रास्ते घर में घुसकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कई लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। मोहल्ले के लोगों ने बिना अपनी जान की परवाह किए राहत और बचाव का काम शुरू किया, लेकिन तब तक आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी।
दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन नहीं बच सकीं 6 जिंदगियां
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सभी घायलों को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लेकिन गंभीर रूप से झुलस चुके 5 बच्चों और एक महिला को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल प्रशासन ने इलाज के दौरान छह लोगों की मौत की पुष्टि की। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि घर की वायरिंग की स्थिति कैसी थी और क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। आग में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। पुलिस घर के मालिक और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो शायद इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती। फिलहाल पूरे इलाके में गम और सन्नाटा पसरा हुआ है, और हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है—क्या यह हादसा टल सकता था?
