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UP: 4 महीने तक 10 दरिंदों ने किया छात्रा का गैंगरेप, अलग-अलग होटलों में की ऐसी हैवानियत सुनकर कांप जाएगी रूह

गोरखपुर में स्कूल जाते समय लापता हुई 9वीं की छात्रा 4 महीने बाद बरामद हुई। पीड़िता ने 10 लोगों द्वारा अलग-अलग होटलों में गैंगरेप किए जाने का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौरी-चौरा थाना क्षेत्र की रहने वाली कक्षा 9 की एक मासूम छात्रा, जो बीते चार महीनों से लापता थी, जब पुलिस के सामने आई तो उसने अपनी आपबीती सुनाई। छात्रा ने बताया कि इन 120 दिनों में उसे किन नारकीय स्थितियों से गुजरना पड़ा और कैसे 10 अलग-अलग दरिंदों ने उसकी मासूमियत को तार-तार किया। पुलिस ने जब पीड़िता की कहानी सुनी तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मेडिकल जांच में नाबालिग के साथ हुए बर्बर अनाचार की पुष्टि हो गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

विश्वासघात से शुरू हुआ जुल्म का सिलसिला

इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत 1 नवंबर 2025 को हुई थी। 14 वर्षीय पीड़िता अपनी बीमार मां की उम्मीदों और उज्जवल भविष्य के सपने लेकर स्कूल के लिए निकली थी। वह अपनी मौसी के पास रहकर पढ़ाई करती थी, जबकि उसके पिता गुजरात में मजदूरी कर परिवार पालते हैं। रास्ते में उसे एक परिचित ऑटो चालक मनीष राजभर उर्फ मोनू मिला। जान-पहचान का फायदा उठाकर मोनू ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने ऑटो में बिठा लिया। वह उसे स्कूल छोड़ने के बजाय एक सुनसान निर्माणाधीन मकान में ले गया, जहाँ उसने पहली बार छात्रा की अस्मत लूटी। मोनू यहीं नहीं रुका, उसने अपने दो दोस्तों को भी बुला लिया जिन्होंने बारी-बारी से छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे वहीं असहाय छोड़कर फरार हो गए।

मदद के नाम पर दरिंदों के जाल में फंसती गई मासूम

शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी छात्रा लोक-लाज के डर से घर जाने के बजाय रामगढ़ताल इलाके की ओर निकल गई, जहाँ उसे उम्मीद थी कि शायद कोई उसकी मदद करेगा। लेकिन बदकिस्मती ने यहाँ भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। वहाँ उसे एक और युवक मिला, जो मदद का ढोंग रचकर उसे अपने घर ले गया। वह युवक और उसके दो-तीन दोस्त करीब एक महीने तक छात्रा को बंधक बनाकर उसके साथ हैवानियत करते रहे। जांच में सामने आया है कि इन चार महीनों के दौरान छात्रा को एक हाथ से दूसरे हाथ बेचा या सौंपा जाता रहा। उसे शहर के कई होटलों में ले जाया गया, जहाँ होटल संचालकों की मिलीभगत से इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया गया।

कॉल डिटेल और सर्विलांस से खुला राज

छात्रा के गायब होने के बाद परिजनों ने 7 नवंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार 23 मार्च को पुलिस छात्रा तक पहुँचने में सफल रही। छात्रा के बयानों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच के बाद पुलिस ने उन होटलों और ठिकानों को चिन्हित किया जहाँ उसे रखा गया था। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार के मुताबिक, इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी ऑटो चालक मनीष राजभर, होटल संचालक धर्मराज, समीर और किशन समेत चार लोगों को जेल भेज दिया गया है। शेष 6 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ जारी है और जल्द ही इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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