उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसने पूरी धार्मिक नगरी में उबाल पैदा कर दिया है। रावतपुर इलाके में स्थित प्रसिद्ध भूतेश्वर मंदिर, जो हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है, वहां के महंत प्रशांत गिरी का एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसने श्रद्धालुओं के विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में महंत को कथित तौर पर अमर्यादित तरीके से मांसाहारी भोजन (नॉनवेज) का आनंद लेते हुए देखा गया। जैसे ही यह क्लिप स्थानीय वॉट्सऐप ग्रुप्स और फेसबुक पर सर्कुलेट हुई, देखते ही देखते लोगों का हुजूम मंदिर की ओर बढ़ने लगा। यह मामला सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आस्था के अपमान की इस चिंगारी ने देखते ही देखते एक बड़े बवाल का रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा और तनाव पसर गया है।
वीडियो ने खोला आस्था के पीछे का ‘काला सच’?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की टाइमिंग और लोकेशन को लेकर अभी जांच जारी है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि महंत प्रशांत गिरी लंबे समय से छिपकर ऐसे कृत्यों में संलिप्त थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महंत एक साधारण वेशभूषा में बैठकर बड़े चाव से नॉनवेज खा रहे हैं। हिंदू धर्म में मंदिर के महंत और पुजारियों के लिए तामसिक भोजन पूरी तरह वर्जित माना जाता है, ऐसे में इस दृश्य ने आम जनता को भीतर तक आहत कर दिया है। रावतपुर के निवासी और मंदिर आने वाले नियमित श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस व्यक्ति को वे भगवान का प्रतिनिधि मानकर पूजते थे, उसका यह दोहरा चेहरा सामने आना उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है। इसी आक्रोश ने शांतिपूर्ण माहौल को अचानक हिंसक मोड़ पर खड़ा कर दिया।
सड़क पर इंसाफ: जब बेकाबू भीड़ ने महंत को घेरा
जैसे ही यह खबर फैली कि महंत मंदिर परिसर के आसपास ही मौजूद हैं, आक्रोशित भीड़ ने उन्हें घेर लिया। शुरुआत में लोगों ने उनसे वीडियो की सच्चाई पूछी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने और महंत के कथित अड़ियल रवैये ने आग में घी डालने का काम किया। भीड़ का गुस्सा इतना प्रचंड था कि लोग कानून-व्यवस्था की सीमाओं को भूल गए। सैकड़ों की तादाद में मौजूद लोगों ने महंत प्रशांत गिरी पर हमला बोल दिया और उनकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। बीच सड़क पर महंत को घसीटा गया और लोगों ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लोग इतने गुस्से में थे कि वे महंत को सबक सिखाए बिना वहां से हटने को तैयार नहीं थे। स्थिति हाथ से निकलती देख कुछ समझदार लोगों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
मौत के मुंह से खींच लाई पुलिस, इलाके में अब भी भारी तनाव
सूचना मिलते ही रावतपुर थाने की पुलिस भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती महंत को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाना था। भीड़ लगातार पुलिस की गाड़ियों को रोकने की कोशिश कर रही थी और महंत को उनके हवाले करने की मांग कर रही थी। काफी जद्दोजहद और हल्का बल प्रयोग करने के बाद पुलिस ने लहूलुहान हालत में महंत को सुरक्षा घेरे में लिया और थाने पहुँचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो यह मामला मॉब लिंचिंग जैसी किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकता था। फिलहाल, मंदिर के बाहर और रावतपुर के संवेदनशील चौराहों पर पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है। पुलिस अब वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो असली है या इसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है।
